
सुप्रीम कोर्ट ने झूठी शान के डर से जूझ रहे एक अंतर-जातीय दंपति को राहत दी। राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दिए जाने के बाद, कोर्ट ने दंपति की सुरक्षा का आदेश दिया। दंपति ने महिला के रिश्तेदारों से जान का खतरा बताया। सुनवाई जुलाई में होगी।

राजस्थान में वॉट्सऐप पर एक मंत्री के बारे में आपत्तिजनक कमेंट्स करने वाले स्कूल टीचर को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उसका सस्पेंशन रद्द कर दिया है। जज ने इस इस सस्पेंशन को कानूनी रूप से गलत बताते हुए कहा कि अगर आरोप सच भी हैं तो भी नियमों को नजरअंदाज कर सकते।

आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से आंशिक राहत मिली है। कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म से जुड़े आरोपों से उन्हें बरी कर दिया, लेकिन नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। हाई कोर्ट ने अन्य धाराओं के तहत भी सजाएं बरकरार रखी हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट ने 'आटा-साटा' प्रथा के तहत विवाह करने वाली बीकानेर की एक महिला को तलाक की मंजूरी दी है। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवादों में क्रूरता को साबित करना जरूरी नहीं है। महिला ने दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था, जिसके बाद कोर्ट ने इस प्रथा की कड़ी आलोचना की।
Rajasthan High Court Driver Result 2026: राजस्थान हाई कोर्ट ने रविवार, 17 मई 2026 को ड्राइवर और चौफर भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट hcraj.nic.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान पीड़िता के वकील ने अपनी दलीलें पेश कीं। आसाराम को 2013 में गिरफ्तार किया गया था और उसे 2018 में दोषी ठहराया गया था।
राजस्थान हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति में बहू को बेटी के समान अधिकार देने का फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति रवि चिरानिया ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि सुंदरी देवी को बिना देरी के नियुक्ति दी जाए। अदालत ने कहा कि आदेश का पालन न करने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी, जिसने गैंगरेप के आरोपियों को बिना सुनवाई के अंतरिम जमानत दी थी। कोर्ट ने कहा कि गंभीर अपराध में सभी पक्षों की बातें सुनना आवश्यक है। पीड़िता की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए, कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जातिगत पंचायतों के आदेशों को असंवैधानिक बताते हुए कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस फरजंद अली ने सरकार को सामाजिक बहिष्कार की शिकायतों के लिए स्पष्ट नीति बनाने का निर्देश दिया। अदालत ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का भी आदेश दिया, जो शिकायतों का समय पर निवारण सुनिश्चित करेंगे।
राजस्थान हाईकोर्ट ने उभयलिंगी आरक्षण पर अपने हालिया फैसले में संशोधन किया है। अदालत ने ट्रांसजेंडरों के लिंग पहचान के अधिकार को छीनने वाले अधिनियम पर गंभीर टिप्पणियां की। न्यायमूर्ति मोंगा और पुरोहित ने कुछ अनुच्छेदों को हटाने से इनकार करते हुए स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया। यह संशोधन 30 मार्च के फैसले के तीन दिन बाद आया।