
मुंबई,एजेंसी। एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे ने बुधवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से

महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के खत्म होने के बाद ठाकरे बंधुओं की पार्टियों में दरार नजर आने लगी है। मनसे के नेता ने दावा किया है कि चंद्रपुर में भाजपा को समर्थन देने के लिए उद्धव गुट के पार्षदों ने 1-1 करोड़ रुपए लिए हैं। यहां पर सबसे बड़ी पार्टी बनकर आने के बाद भी कांग्रेस अपना मेयर नहीं बना पाई।

महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे प्रधानमंत्री मोदी से डर रहे हैं। ठाकरे ने आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों पर टिप्पणी की थी। कोश्यारी ने कहा कि लोग भय के कारण नहीं आए थे, बल्कि ठाकरे ही मोदी से अधिक डरे हुए हैं।

राज ठाकरे ने कहा वे आपसे प्यार की वजह से नहीं आए थे। वे नरेंद्र मोदी की सरकार के डर से आए थे। वरना पहले कोई इतने बोरिंग और उबाऊ भाषणों में क्यों नहीं आया? तो सबसे पहले, इस गलतफहमी से बाहर निकलें कि वे आपके लिए वहां आए थे।

पटेल ने कहा कि कौन क्या बनेगा, कब बनेगा और कैसे बनेगा, यह फैसला मेरी जिम्मेदारी है और मैं उसे निभा रहा हूं। पटेल ने कहा, कि आज, नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट के तौर पर मैं जिम्मेदारी से अजीत पवार के बाद ट्रांज़िशन सुनिश्चित कर रहा हूँ।

राज ठाकरे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए किसी मराठी का नाम बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि मराठी मिट्टी से जुड़ी हुई पार्टी का अध्यक्ष को सच्चा मराठी ही होना चाहिए, यह कोई पाटिल हो सकता है लेकिन पटेल नहीं।

Ajit Pawar Death News: राज ठाकरे ने लिखा है कि महाराष्ट्र की राजनीति ने एक बेहतरीन नेता खो दिया है। अजित पवार और मैंने लगभग एक ही समय में राजनीति में कदम रखा था, हालांकि हमारी जान-पहचान बहुत बाद में हुई।

बालासाहेब ठाकरे की 100वीं जयंती के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर किए गए अपने पोस्ट में राज ठाकरे ने राजनीति के बदलते स्वरूप पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में निष्ठा और सिद्धांतों से समझौता बढ़ता जा रहा है।

मनसे चीफ राज ठाकरे ने बाल ठाकरे की जन्म जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि शिवसेना छोड़ते समय उन्हें इस बात का दुख ज्यादा था कि अब वह अपने चाचा से बार-बार नहीं मिल पाएंगे। ठाकरे ने अपने चाचा से जुड़ी कई यादों को भी साझा किया।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे शुक्रवार को बाल ठाकरे की 100वीं जयंती पर एक साथ आएंगे। यह दोनों चचेरे भाई बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव के बाद पहली बार मिल रहे हैं। कार्यक्रम मध्य मुंबई में होगा, जहां शिवसेना के अन्य कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।