
-फोटो : 13purn01-बारिश के कारण खेतों में डूबा मक्का। पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। मंगलवार रात से लेकर बुधवार सुबह तक शहर में 52 मिलीमीटर बारिश रि

पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थित नॉर्मन ई. बोरलॉग फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विज्ञान वेधशाला द्वारा जारी रिपोर्ट के

बिजनौर में मंगलवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश से गर्मी और उमस में राहत मिली। हालांकि, दोपहर में धूप निकल आई। अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश को किसानों ने फसलों के लिए लाभकारी बताया।

- आमतौर पर 20 मई के करीब अंडमान-निकोबार पहुंचता है मानसून, इसके बाद शेष भारत की तरफ बढ़ता है
पूर्णिया में रविवार को शाम करीब सात बजे बारिश हुई, जिससे बाजार में आने-जाने वालों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। किसानों को मक्का सुखाने में परेशानी हुई और बारिश के बाद जल जमाव के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तपिश और उमस भरी गर्मी में छाए बादलों ने दी कुछ राहत हवाओं के चलने
कुर्साकांटा में हो रही मूसलाधार बारिश ने मक्का किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फसल कटाई के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद, खेतों में पानी भरने से मक्का सड़ने लगी है। किसानों ने भारी निवेश किया था, लेकिन अब उन्हें नुकसान की भरपाई की उम्मीद नहीं है। मुआवजे की मांग को लेकर वे प्रशासन के पास गए हैं।
लखीसराय में मंगलवार को मौसम में अचानक बदलाव आया। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री तक पहुंचा। दोपहर 1:23 बजे बादल छाए और बारिश शुरू हो गई, जिससे गर्मी से राहत मिली। हालांकि, बारिश के कारण जलजमाव और यातायात में रुकावट भी आई। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया था।
जमशेदपुर में पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं होने के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। अधिकतम तापमान 4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री बढ़ गया है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों में भी तापमान बढ़ता रहेगा।
जनपद में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली, जहां काले बादल छा गए और हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी, जिससे लोगों के चेहरे खिल उठे। किसानों ने बारिश को फसलों के लिए लाभकारी बताया, हालांकि कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई।