
Pradosh Vrat Kab hai, Budh Pradosh date: दिसंबर का आखिरी प्रदोष व्रत बुध प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा, जो पौष मास की कृष्ण त्रयोदशी के दिन रखा जाएगा। बुधवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत ज्ञान, वाणी और बिजनेस के क्षेत्र में तरक्की दिला सकता है।

Bhaum Pradosh Timing 2025: जिस दिन प्रदोष काल के समय त्रयोदशी तिथि व्याप्त होती है, उसी दिन भौम प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष का समय एक साथ होता है तो वह समय शिव पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।

Pradosh Katha in hindi: इस साल 02 दिसंबर, 2025 के दिन मंगलवार को मार्गशीर्ष माह के भौम प्रदोष का व्रत रखा जाएगा। भौम प्रदोष का व्रत बिना कथा सुनें या कहे अधूरा माना जाता है। इसलिए जरूर पढें भौम प्रदोष की व्रत कथा-

Pradosh Puja Muhurat, Som Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल के दौरान शिव परिवार की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोम प्रदोष पर विधिवत शिव पूजा करने से मानसिक शांति, वैवाहिक सुख मिलता है।

Pradosh 2025 Upay Som Pradosh ke upay: इस साल मार्गशीर्ष महीने का पहला प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है। सोम प्रदोष व्रत के दिन विधि विधान के साथ भगवान शिव को पूजा जाता है। इस दिन संध्या के दौरान शिव पूजन की जाती है।

Som Pradosh vrat katha: आज सोम प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव व माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन सुखद व संतान सुख की प्राप्ति होती है। जानें सोम प्रदोष व्रत कथा, पूजा विधि, मुहूर्त व महत्व।

Pradosh 2025 Upay, Som Pradosh ke Upay: इस साल कार्तिक महीने का दूसरा प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को 3 नवंबर को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष संध्या पर कुछ उपाय करने से जीवन की दिक्कतें दूर होती हैं।

kab hai Pradosh 2025 Date and Time: प्रदोष के दिन पर कई शुभ योगों और नक्षत्र का निर्माण हो रहा है, जिससे यह दिन बेहद खास माना जा रहा है। सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव के अत्यन्त प्रिय माने गये व्रतों में से एक है।

Shani Pradosh Vrat : हिंदू धर्म में उपवास और व्रत का विशेष महत्व है। हर महीने आने वाला प्रदोष व्रत भी इन्हीं में से एक है, जिसे भगवान शिव और उनकी कृपा प्राप्ति के लिए रखा जाता है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को आता है और महीने में दो बार पड़ता है।

Shukra Pradosh Vrat : हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष स्थान है। यह व्रत हर माह में 2 बार पड़ता है। प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। शुक्रवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत कहते हैं। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है।