
सरकार ने मनरेगा योजना में अनियमितता रोकने के लिए युक्ति धारा पोर्टल शुरू किया है। यह पोर्टल योजनाओं की निगरानी में पारदर्शिता लाएगा और 2026-27 से सभी पंचायतों में अनिवार्य होगा। ग्राम सभा में पारित योजनाओं की ऑनलाइन एंट्री होगी, जिससे फर्जीवाड़े पर नियंत्रण संभव होगा।

धनबाद बीबीएमकेयू के कार्यरत और रिटायर शिक्षकों, कर्मियों और अधिकारियों के लिए राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए एक पोर्टल विकसित किया गया है। सत्यापन के बाद, उन्हें 15 दिसंबर तक 1250 रुपए का प्रीमियम भुगतान करना होगा। पोर्टल का लिंक जारी किया गया है।

पूर्णिया विश्वविद्यालय स्नातक में नामांकित छात्र-छात्राओं का पंजीकरण 10 दिसंबर तक होगा। विश्वविद्यालय ने नए सत्र के लिए तिथि निर्धारित की है, जिसमें 41800 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण समर्थ पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। छात्र-छात्राएं अपने विषय का चयन करने के लिए लॉगिन करेंगे और पंजीकरण शुल्क जमा करेंगे।

फतेहपुर में एससी/एसटी एक्ट के पीड़ितों को अब ऑनलाइन भुगतान द्वारा धन मिलेगा। नया पोर्टल समाज कल्याण विभाग और पुलिस द्वारा संचालित किया जाएगा। रिपोर्ट सीधे शासन तक पहुंचेगी और आर्थिक सहायता पीड़ितों के खातों में भेजी जाएगी, जिससे बजट का इंतजार खत्म हो जाएगा।

- गत वर्ष एक दिसंबर से शुरू हो गए थे आरटीई में आवेदन, आरटीई के चार चरणों में लिए गए थे छह हजार प्रवेश

मुजफ्फरपुर में बीआरएबीयू ने स्नातक पोर्टल को एक से दो दिन के लिए खोला जाएगा। यह पोर्टल केवल अंगीभूत कॉलेजों के छात्रों के नामांकन अपडेट के लिए है। कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने इस बात की जानकारी दी। कई कॉलेजों में नामांकन के बाद छात्रों के नामांकन अपडेट नहीं हुए थे।

वाराणसी में वक्फ संपत्तियों की डिजिटल सूची बनाने के लिए उम्मीद पोर्टल पर 6 दिसंबर तक 284 संपत्तियों का ब्योरा दर्ज नहीं हुआ है। इसमें 249 सुन्नी और 35 शिया संपत्तियां शामिल हैं। वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के लिए संबंधितों को वक्फ ट्रिब्यूनल में संपर्क करना होगा।

जनपद की करीब 30 प्रतिशत सम्पत्तियां ही हो सकीं हैं दर्ज उम्मीद पोर्टल पर पूरी तरह दर्ज नहीं हो सका है वक्फ की सम्पत्तियों का ब्योराउम्मीद पोर्टल पर पू

वक्फ प्रॉपर्टी को उम्मीद पॉर्टल पर डालने के लिए समय बढ़ाने की मांग

वक्फ संपत्तियों को पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 5 दिसंबर है, लेकिन अभी तक 100 संपत्तियों का काम अधूरा है। जिले में कुल 2329 संपत्तियां हैं, जिनमें से 2175 सुन्नी और 144 शिया वक्फ बोर्ड की हैं। जिम्मेदारी टीम को सौंपी गई है ताकि समय सीमा के भीतर संपत्तियों की सूची अपलोड की जा सके।