
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार की एक अहम योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत एलिजिबल किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है, जो तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।

PM Kisan 24th Installment:पीएम किसान योजना के तहत एलिजिबल किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये की किस्त दी जाती है। इस तरह किसानों को साल में कुल 6,000 रुपये की मदद मिलती है। किस्त जारी होने पर एलिजिबल किसानों के बैंक खातों में DBT के जरिए 2,000 रुपये भेजे जाएंगे।

महेशपुर में, किसान गणेश मंडल पिछले पांच साल से पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल पाने के कारण दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उनका आवेदन जिला स्तर पर मंजूर हो गया, लेकिन राज्य स्तर पर तकनीकी कारणों से मामला लंबित है। इस देरी ने किसान को उसकी हक की राशि नहीं मिल पाने की समस्या का सामना कराना है।

PM Kisan Latest Updates: पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर पोर्टल पर 4 नए बदलाव हुए हैं। इनके जरिए आप मोबाइल नंबर को अपडेट करने से लेकर नोडल अफसरों के कांटैक्ट डिटेल्स भी जान सकते हैं।
PM Kisan Yojana 24th Installment: पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को जल्द खुशखबरी मिल सकती है। आखिरी बार पैसा जून में ट्रांसफर हुआ था।
PM Kisan 24th Installment date : पीएम किसान योजना 24वीं किस्त जल्द ट्रांसफर की जा सकती है। केंद्र सरकार ने अबतक इस योजना के तहत 23 किस्त ट्रांसफर किया जा सकता है।
पीएम किसान: ई-केवाईसी नहीं तो अटक सकती है किस्त पीएम किसान: ई-केवाईसी नहीं तो अटक सकती है किस्तपीएम किसान: ई-केवाईसी नहीं तो अटक सकती है किस्तपीएम किस
पेज तीन की लीडपेज तीन की लीड हिन्दुस्तान विशेष 24 वीं किस्त खाते में आने से पहले पूरी करनी होगी ई-केवाईसी की प्रक्रिया 2.13 लाख किसान योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। अब हर साल उन्हें अपनी ई-केवाईसी अपडेट करानी होगी। निर्धारित समय पर प्रक्रिया की पूर्ति नहीं करने पर अगली किस्त रुक सकती है। जिले में 2 लाख 48 हजार से अधिक लाभार्थियों में से 46 हजार अब भी ई-केवाईसी करने में पीछे हैं।
सुपौल जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता से प्रदान करने के लिए 92,536 पीएम किसान लाभुकों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। जिले में 2,48,135 सक्रिय पीएम किसान लाभुक हैं, जिनमें से 37.3 प्रतिशत की एफआर रजिस्ट्री पूरी हुई है। कृषि विभाग किसानों को जागरूक कर शेष रजिस्ट्री जल्द पूरी करवा रहा है।