
कार्यक्रम में जानकारी देते डायट प्रवक्ता बीएल मौर्य। शाहजहांपुर,संवाददाता। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) ददरौल के प्रवक्ता बीएल मौर्य को च

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में पीएचडी एडमिशन टेस्ट-2024 का रिजल्ट शुक्रवार को जारी कर दिया गया है। कुल 33.27 फीसदी परीक्षार्थी इस परीक्षा में सफल घोषित किए गए हैं। कुल 23 विषयों में 831 परीक्षार्थी इस परीक्षा में सफल हुए हैं।

लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर विभागों में उपलब्ध पूर्णकालिक और अंशकालिक रिक्त सीटों का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

बेलदौर के चोढ़ली गांव निवासी ललन कुमार को पीएचडी की परीक्षा पास करने पर डॉक्टेट की उपाधि मिली है। उन्होंने यह शोध कार्य डॉ. अनिरुद्ध कुमार के निर्देशन में भूगोल विभाग में पूरा किया।
बांदा के अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने साइबर क्राइम प्रबंधन में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। एसपी पलाश बंसल ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई दी। यह सफलता न केवल पुलिस विभाग के लिए गर्व की बात है, बल्कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रदान करती है।
विद्यार्थी एक वर्ष और दो वर्ष के दो तरह के पीजी कोर्स में दाखिला लेंगे । 2023 में ही बिहार में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई थी। चार वर्षीय स्नातक में 7.5 सीजीपीए वालों के लिए एक साल की पीजी रहेगी।
रांची, केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड के शोधार्थी डॉ बिसेस्वर सरेन ने संताली और अंग्रेजी में द्विभाषी शोध प्रबंध प्रस्तुत किया है। यह शोध संताली उपन्यासों में सामाजिक वास्तविकताओं का अध्ययन करता है। यह जनजातीय भाषाओं के शैक्षणिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है और स्थानीय भाषाओं में पीएचडी की दिशा में एक कदम है।
वर्षा कुमारी ने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझते हुए नव नालंदा महाविहार से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 'आचार्य सरहपा की कविता का आलोचनात्मक अध्ययन' विषय पर शोध किया। इलाज के दौरान भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में अपना शोध कार्य पूरा किया।
कैंसर को मात देकर वर्षा कुमारी ने नव नालंदा महाविहार से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने ‘आचार्य सरहपा की कविता का आलोचनात्मक अध्ययन’ विषय पर शोध किया। वर्षा का सफर कठिनाइयों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पढ़ाई जारी रखी। उनके इस अद्भुत प्रयास की सराहना की गई है।
अम्बेडकरनगर के जलालपुर के छात्र हिमांशु मौर्य का चयन अमेरिका के जॉर्जिया टेक विश्वविद्यालय में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के पीएचडी कार्यक्रम के लिए हुआ है। उन्हें ग्रेजुएट रिसर्च असिस्टेंट के रूप में 42 हजार अमेरिकी डॉलर की छात्रवृत्ति मिलेगी। उनके अब तक सात शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं।