
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के गिरने के बाद बीजेपी विपक्ष पर आक्रामक है तो वहीं विपक्ष का कहना है कि यह बीजेपी की सोची-समझी साजिश है। बिना संवाद के विशेष सत्र बुलाया गया और फिर विधेयक ना पास होने का ठीकरा विपक्ष पर फोड़ा जा रहा है।

देश की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल सदन में पारित नहीं हो सका। इस घटनाक्रम ने न केवल संसद के भीतर माहौल गरमा दिया, बल्कि बाहर भी सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया।

गोरखपुर से लोकसभा सदस्य रवि किशन ने महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, वह अपनी पत्नी के पैर छूते हैं क्योंकि संघर्ष के दिनों में वह उनके साथ खड़ी रहीं।

नारी शक्ति वंदन संसोधन अधिनियम पर लोकसभा में वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से अपील की है कि वे इसके पक्ष में मतदान करें। उन्होंने कहा कि मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों।
Nari Shakti Vandan Adhiniyam: नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि अगर सरकार मेंदम है तो महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दें। हम समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने तो सीता जी को भी भुला दिया।
बीजेपी नेता बूरा नरसैया गौड़ का कहना है कि परिसीमन कानून लागू होने के बाद पीओके में भी सीटों का निर्धारण होगा और वहां से भी चुनकर प्रतिनिधि राज्यसभा और लोकसभा में आएंगे। इस तरह पीओके को वापस लेने का सपना साकार हो जाएगा।
महिला आरक्षण बिल पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हम महिलाओं के लिए आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि जिस तरीके से यह बिल लाया जा रहा है, हम उसके खिलाफ हैं। जब हम 33% आरक्षण की बात करते हैं, तो अगर हमारे पास सही आंकड़े ही नहीं हैं, तो हम आरक्षण कैसे दे सकते हैं?
महिला आरक्षण लागू होगा तो एससी की 33 फीसदी सीटें एससी महिलाओं के लिए तथा एसटी की 33 फीसदी सीटें एसटी महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसी प्रकार शेष सामान्य वर्ग की सीटें भी 33 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी।
Women’s Reservation Bill: बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विधेयक लाने के सरकार के तरीके और बिल लाने की टाइमिंग का विरोध करते हैं, जो राजनीति से प्रेरित है।
महिला आरक्षण संसोधन बिल पर अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि सपा ने हमेशा महिलाओं का सम्मान किया है। हमें सरकार के इरादे और नीति को देखना होगा, क्योंकि अक्सर दोनों में अंतर होता है। विधेयक को आने दीजिए, हम इसके प्रावधानों और इसे लागू करने के तरीके की जांच करेंगे।