
राहुल गांधी को अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में लोकसभा का विशेषाधिकार नोटिस मिला है। 28 अगस्त तक जवाब देना होगा। जानिए क्या है पूरा मामला और राहुल पर क्या कार्रवाई हो सकती है।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का पूरा फायदा इस बार विपक्ष ने उठाया है। संसद के मॉनसून सत्र में विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने में सफल रहा। बार-बार की कोशिश के बावजूद पूरे सत्र में सदन की कार्यवाही ठीक से नहीं चल पाई।

दूसरी तरफ, राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन की चाय पार्टी में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश तथा विपक्ष के कई अन्य नेता शामिल हुए।

जयराम रमेश ने कहा कि इस मॉनसून सत्र में विपक्ष को 5 बड़ी उपलब्धियां हासिल हुई हैं। पहली उपलब्धि यह है कि सरकार वन नेशन, वन इलेक्शन बिल इस सेशन के दौरान पेश नहीं कर पाई। वो दो तिहाई बहुमत जुटाने में भी फेल रही।
हंगामे के पीछे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का एक पुराना पैटर्न है। सत्तापक्ष का आरोप रहता है कि विपक्ष सिर्फ हंगामा करके करदाताओं के पैसे की बर्बादी कर रहा है और चर्चा से भाग रहा है।
संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राष्ट्रगीत वंदे मातरम बजने के तत्काल बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। घंटे भर चली राज्यसभा में एक बिल पास हुआ।
संसद का मॉनसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ा, लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित। आखिरी दिन पीएम मोदी और अमित शाह मौजूद रहे। जानें पूरे सत्र में क्या-क्या हुआ।
20 जुलाई को आरंभ हुए संसद के मॉनसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में जारी गतिरोध के बीच शाह ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा और आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा होने ही नहीं देना चाहता।
अमित शाह ने कहा है कि सरकार सभी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि वे किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। इस पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया भी सामने आई।
संसद का मॉनसून सत्र गुरुवार को खत्म हो रहा है। इस सत्र के दौरान अब तक लोकसभा से कुल 11 बिल पारित हो चुके हैं। इनमें से सिर्फ़ दो पर ही बहस हुई है, जबकि बाकी 9 बिल विपक्ष के विरोध के बीच बिना किसी चर्चा के ही पास कर दिए गए