
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के किंग खालिद और अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हूती विद्रोहियों के हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने रियाद के साथ पाकिस्तान की अटूट एकजुटता दोहराई और अपने क्षेत्र तथा बुनियादी ढांचे की रक्षा करने के सऊदी अरब के अधिकार का समर्थन किया। हमलों में लोगों की जान गई और आम नागरिक घायल हुए।

इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी तीन मौसियों को अगवा कर लिया है और परिवार को न उनकी हालत बताई जा रही है, न हिरासत की वजह।

पाकिस्तानी पत्रकार, लेखक और विश्लेषक शकील चौधरी ने दावा किया है कि सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती के पीछे का मुख्य मकसद हूतियों से जंग लड़ना नहीं बल्कि सऊदी अरब को सुरक्षा देने के बहाने उससे अधिक से अधिक पैसे ऐंठना है।

पाकिस्तान को मक्का डिफेंस पैक्ट महंगा पड़ता हुआ नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी अरब पर हूतियों की तरफ से होते हमले के बीच पाकिस्तान एयरफोर्स एक्टिव हुई है। पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने हूतियों पर बमबारी की है। हालांकि, इस्लामाबाद ने इन बातों को खारिज किया है।
संदेश :: पूर्व में इस शीर्षक,,,,विदेश ::: सऊदी के रियाद एयरपोर्ट पर फिर धमाके,,,, जारी
हॉकी नई दिल्ली, एजेंसी। पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश जालंधर और मोहाली में 27 अक्तूबर
हूतियों ने कहा है कि पूरे सऊदी अरब में हवाई अड्डों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों का नया दौर शुरू किया है। इस बीच, सऊदी गठबंधन ने मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है।
फोटो नंबर:17, कैप्शन-पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में रितेश कुमार सिंह के पुलिस के हत्थे चढ़ने पर मामले की छानबीन करने गयी जीरोमाइल थाना पुलिस ने पपरौर स्थित आवास को बंद पाया।
भारत ने इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) की जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचे के खिलाफ टिप्पणियों को खारिज कर दिया है। ओआईसी को बताया गया कि उसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रही हिंसा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भारत ने आतंकवाद को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की और ओआईसी के अध्यक्ष को सही तथ्यों पर ध्यान देने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार विफलता की कगार पर टिका रहता है, लेकिन कभी पूरी तरह से ढहता नहीं है। उन्होंने सऊदी अरब के साथ संबंधों के जरिए कूटनीतिक प्रासंगिकता हासिल करने की पाकिस्तान की कोशिशों पर भी सवाल उठाए।