
PM मोदी इन दिनों तीन देशों के दौरे पर हैं। अपनी यात्रा के पहले चरण में वह इंडोनेशिया पहुंचे हैं, जहां उन्हें भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया है

पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के भारत के फैसले को खारिज कर दिया था और कहा था कि समझौता वैध, बाध्यकारी और लागू है।

NIA की पहली चार्जशीट में उन तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों की पहचान की थी जिन्होंने पर्यटकों की हत्या की थी। उनके नाम फैसल जट्ट उर्फ़ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ़ जिब्रान भाई और हमज़ा अफ़गानी बताए गए थे जो ऑपरेशन महादेव में मारे गए थे।

भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला लिया था। नई दिल्ली का स्पष्ट रुख है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि स्थगित रहेगी।
भारत-पाक के बीच आधिकारिक बातचीत ठप होने के बावजूद कोलंबो और बैंकॉक में 'ट्रैक-2' वार्ता का नया दौर हुआ है। पूर्व राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों ने आतंकवाद और जल विवाद जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा की।
पहलगाम आतंकी हमले पर NIA की चार्जशीट में बड़े खुलासे। 26 पर्यटकों की मौत की साजिश पाकिस्तान में बैठे हैंडलर ने 7 दिन पहले ट्रेकिंग ऐप और ड्रोन के जरिए रची थी। जानें पूरी खौफनाक इनसाइड स्टोरी।
पहलगाम में पिछले साल हुए दुस्साहसिक आतंकी हमले की जांच में जुटे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से दायर आरोप पत्र में कहा गया है कि सीमा पार से आए ड्रोन पकड़ में आए बिना कश्मीर के बारामूला जिले तक हथियार और गोला-बारूद गिराने में कामयाब रहे।
मारे गए पहलगाम हमले के आतंकियों के पास से दो फोन मिले थे। दोनों का लिंक पाकिस्तान से ही है। एक फोन का लिंक पाकिस्तान के फैसल बैंक से पाया गया है जिसका नाम पहले भी आतंकी जांच में आ चुका है।
सिंधु जल समझौता स्थगित करने के बाद भारत ने पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोकने की तैयारी तेज कर दी है। चेनाब नदी का पानी हिमाचल मोड़ने के लिए ₹2,352 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट पर काम शुरू, जानिए भारत को क्या होगा फायदा।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी को एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। अमेरिका में निर्मित GoPro कैमरा, जिसे आधिकारिक रूप से चीन के एक अधिकृत वितरक को भेजा गया था, वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के पास कैसे पहुंच गया?