
शादियों के न्योते व्हाट्सऐप पर भी आ रहे हैं। लेकिन, साथ में अगर कोई एपीके फाइल आए तो क्लिक ना करें नहीं तो मोबाइल हैंग होने के बाद जब तब दोबारा चालू होगा, तब तक बैंक खाता खाली हो जाएगा। गोरखपुर साइबर सेल ने लोगों को सतर्क रहने कहा है।

दौराला में एक किसान को साइबर ठगी का शिकार होना पड़ा है। उसने सोशल मीडिया पर भैंस बिक्री का वीडियो देखकर ठग से 75 हजार रुपये में भैंस खरीदने का सौदा किया। किसान ने पहले 40 हजार रुपये भेजे, लेकिन दो दिन बाद भी भैंस नहीं आई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कानपुर में, डॉक्टर साइबर ठगों के आसान शिकार बन रहे हैं। इस पर, आईएमए ने एक वर्कशॉप आयोजित की। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि डिजिटल फ्रॉड 70% बढ़े हैं। ठग भ्रम और लालच का इस्तेमाल करते हैं। डॉक्टरों को जागरूकता और डेटा सुरक्षा अपनाने की सलाह दी गई।

AI-generated आवाज का इस्तेमाल करके होने वाले बैंक फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां स्कैमर्स आपकी या आपके करीबियों की आवाज की कॉपी बनाकर OTP और पैसे ठगने की कोशिश करते हैं।

Truecaller ने एक नया फैमिली सेफ्टी हब लॉन्च किया है, जिसमें परिवार के लोग मिलकर एक-दूसरे को स्कैम कॉल्स और फ्रॉड से बचा सकते हैं। Android पर एडमिन रियल-टाइम में स्पैम कॉल की पहचान कर उसे दूर बैठे ही काट भी सकता है।

गुलरिहा पुलिस ने एक व्यक्ति से हुए साइबर फ्रॉड में 80 हजार रुपये की ठगी की रकम वापस दिलाने में सफलता प्राप्त की। पीड़ित ने तुरंत पुलिस और साइबर सेल को सूचना दी, जिससे जालसाज पूरी रकम नहीं निकाल सके। जांच के बाद न्यायालय ने शेष राशि वापस करने का आदेश दिया, जिसे बैंक…

Albiriox नाम का Android मैलवेयर बिना OTP के बैंकिंग ऐप्स को कंट्रोल कर सकता है और चुपके से पैसे ट्रांसफर कर देता है। यह एक बड़े खतरे के तौर पर सामने आया है और यूजर्स को जागरूक रहना होगा।

सिर्फ एक फोन नंबर डालने पर ही भारत में किसी भी व्यक्ति का नाम, पता, पिता का नाम, ईमेल और यहां तक कि आधार-कार्ड जैसी संवेदनशील जानकारियां सार्वजनिक हो जाती हैं ये घटना निज़ी जीवन और साइबर सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।

कानपुर दक्षिण में एक रिटायर डिप्टी कमिश्नर को साइबर ठगों ने 24 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। ठगों ने फेसबुक पर एक विज्ञापन के जरिए उन्हें निवेश का झांसा दिया और ‘फिनाडेक्सा’ नाम की एप के माध्यम से पैसे जमा कराए। जब रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने और पैसे लगाने के…

कानपुर में रिटायर्ड इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद सिंह को साइबर ठगों ने 20 दिनों में 42.50 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप पर सीबीआई अधिकारी बनकर डराया और पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और खातों में बचे 2200 रुपये को होल्ड कर दिया है।