
-महिला दिवस पर सरकारी अस्पतालों में आयोजन
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कर्मचारियों के आंदोलन के विरोध में जूनियर डॉक्टर भी शामिल हो गए हैं। नर्सों द्वारा धरने के दौरान हंगामा हुआ और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी है, लेकिन आंदोलन के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है।
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। नर्सों ने प्रशासन के खिलाफ जुलूस निकाला और इंटर्न डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की। प्राचार्य ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने का अल्टीमेटम दिया है। विवाद एक नर्स की पिटाई से शुरू हुआ था।
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ का आंदोलन तेज हो गया है, जिसकी गूंज लखनऊ से दिल्ली तक पहुंच गई है। प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कैंपस पहुंचकर नर्सों से बातचीत की। स्वास्थ्य विभाग ने भी सक्रियता दिखाई है, लेकिन नर्सिंग स्टाफ ने मरीजों की स्थिति को देखते हुए हर वार्ड में एक सीनियर नर्स तैनात की है।
गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ का आंदोलन तेज हो गया
पीलीभीत के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में 200 बेड चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय और अन्य कर्मियों को संक्रमण नियंत्रण, सुरक्षित इंजेक्शन पद्धति, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया गया। प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने नियमित रूप से प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि अस्पताल की सेवाएं सुरक्षित और प्रभावी बन सकें।
फोटो देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वार्ड नंबर-4 में मानवता की
महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी रोस्टर को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है। नर्सिंग कर्मचारी अनियमितता और धनउगाही के आरोपों के साथ मैटर्न कार्यालय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्हें शिकायत है कि ड्यूटी रोस्टर पारदर्शी तरीके से नहीं बनाया जा रहा है और एक ही वार्ड में लगातार तैनात किया जा रहा है।
सदर अस्पताल में कर्मचारियों की कमी गंभीर समस्या बन गई है। 200 स्वीकृत पदों में से केवल 54 पद भरे हुए हैं। नर्सिंग, फार्मासिस्ट और ऑपरेशन थिएटर सहायक के कई पद खाली हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि उपलब्ध स्टाफ से बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग कंपनी जीत एचआर के नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गईं, जिससे मरीजों को दवाइयों और उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। प्राचार्य ने कर्मचारियों को वेतन का आश्वासन दिया, जिसके बाद हड़ताल समाप्त हुई।