
अटेवा पेंशन बचाओ मंच के अंतर्गत टीईटी अनिवार्यता एवं एनपीएस-यूपीएस के खिलाफ पेंशन क्रांति महासम्मेलन की तैयारी के लिए बैठक हुई। बैठक में अटेवा के नेताओं ने पुरानी पेंशन को संवैधानिक अधिकार बताते हुए 15 फरवरी को सम्मेलन की सफलता के लिए संगठित होने का आह्वान किया।

NPS Historic Reforms: भारत के पेंशन क्षेत्र में व्यापक सुधारों से NPS को नई दिशा मिली है। बैंकों को पेंशन फंड स्थापित करने की अनुमति, निवेश प्रबंधन शुल्क में परिवर्तन, और निकासी नियमों में लचीलापन प्रमुख बदलाव हैं। जानें कैसे ये सुधार ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) में सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी के नियमों में स्पष्टीकरण जारी किया है। नए निर्देशों के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी अनुकंपा ग्रेच्युटी ले चुका है और दोबारा सरकारी नौकरी में आता है, तो उसे दोबारा ग्रेच्युटी नहीं मिलेगी। सैन्य कर्मियों को राहत दी गई है कि उनकी पुरानी ग्रेच्युटी का असर नई सिविल सेवा पर नहीं पड़ेगा।

NPS New Rules: हाल ही में राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) से जुड़े नियमों में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इसके तहत निवेशकों के लिए कई नए विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। इससे उनके हाथ में अधिक नकदी आएगी और वे अपनी पेंशन योजना बेहतर ढंग से नियोजित कर पाएंगे। वे अब लंबे समय तक इस योजना में बन रह सकते हैं।

लखनऊ में शिक्षक दल ने विधान परिषद से बाहर निकलते हुए पुरानी पेंशन योजना की मांग की। ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सरकार शिक्षकों के प्रति उदासीन है और एनपीएस को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि पुरानी पेंशन लागू करने का कोई विचार नहीं है।

पेंशन नियामक संस्था पीएफआरडीए ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब निवेशक 85 साल तक योजना में रह सकते हैं, पेंशन के लिए केवल 20% राशि आवश्यक है, और पूरी राशि निकालने की छूट भी है। इसके साथ ही, चार बार आंशिक निकासी और नागरिकता छोड़ने पर पूरी राशि निकालने की सुविधा भी है।

NPS: पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने एनपीएस के तहत गैर-सरकारी क्षेत्र के निवेशकों के लिए पांच साल तक निवेश करने की शर्त को हटा दिया है। इससे उन लोगों को फायदा होगा जो किसी वजह से बीच में एनपीएस से बाहर निकलना चाहते हैं।

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने एनपीएस के तहत गैर-सरकारी निवेशकों के लिए पांच साल तक निवेश करने की शर्त को हटा दिया है। निवेशक अब बिना किसी लॉक-इन के पैसे निकाल सकते हैं। आठ लाख रुपये तक की राशि के लिए एन्युटी की जरूरत नहीं होगी। 85 साल की उम्र तक निवेश जारी रख सकते हैं।

एपीएफआरडीए ने एनपीएस में निवेशकों को राहत देते हुए नियमों में बदलाव किया है। अब गैर सरकारी एनपीएस खाताधारकों को एन्युटी में केवल 20 प्रतिशत राशि लगानी होगी, जबकि 80 प्रतिशत राशि निकाली जा सकेगी। यह सुविधा उन लोगों को मिलेगी जिन्होंने 15 साल पूरे किए हों।

सरकार ने UPS को अपनाने की आखिरी तारीख दो बार बढ़ाई थी—पहले 30 जून से 30 सितंबर और फिर 30 नवंबर 2025 तक। इसके बावजूद प्रतिक्रिया काफी कमजोर रही। माना जा रहा था कि सरकार एक बार फिर डेडलाइन बढ़ाएगी, लेकिन कम संख्या यह दिखाती है कि कर्मचारी अभी भी इसे लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।