
निर्जला एकादशी व्रत के पारण में तुलसी दल का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार द्वादशी तिथि पर तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। ऐसे में पारण के लिए तुलसी एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेने की सलाह दी जाती है। जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता और पारण के नियम।

एकादशी व्रत का पारण करते समय तुलसी दल का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि यह भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी उपलब्ध न होने पर भी शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु का स्मरण कर विधि-विधान से पारण किया जा सकता है। जानें तुलसी का महत्व और पारण के नियम।

Ekadashi Vrat Parana: एकादशी व्रत का पारण विधि-विधान से करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पारण के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने पर कोई स्पष्ट रोक नहीं है, लेकिन पहले सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है। जानें धर्म, परंपरा और सेहत के लिहाज से क्या माना जाता है।

Tulsi Puja Nirjala Ekadashi: आज शाम तुलसी के पास दीया जलाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए? जानिए 3 आसान स्टेप के साथ तुलसी पूजा का आसान तरीका।
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी व्रत का पारण 26 जून, शुक्रवार को सुबह 5:41 बजे से 8:25 बजे तक किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पारण से पहले व्रत कथा पढ़ना, भगवान विष्णु की आरती करना और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
Khatu Shyam mandir Rajasthan: खाटू श्याम मंदिर में दो दिन का निर्जला एकादशी मेला लगा है। जहां बाबा को खास तौर पर सजाया जाएगा। लाखों की संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं।
Nirjala Ekadashi Vrat Paran Muhurat 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का पारण शुभ मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किए गए व्रत पारण से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। जानें 26 जून को निर्जला एकादशी व्रत पारण का क्या मुहूर्त है।
Nirjala Ekadashi 2026 Tulsi Upay: हिंदू धर्म में तुलसी पूजनीय मानी गई है। तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि एकादशी के दिन सूखी तुलसी से जुड़े कुछ उपायों को करने से भाग्य का साथ मिलता है और मां लक्ष्मी की कृपा से धन की प्राप्ति होती है।
Nirjala ekadashi jal daan: निर्जला एकादशी के दिन आपने जगह-जगह शरबत या मीठा पानी बंटते देखा होगा। क्या आप जानते हैं निर्जला एकादशी पर जल दान का क्या महत्व है और क्यों शरबत बांटा जाता है।
Nirjala ekadashi 2026 Vishnu ji ki Aarti: हिंदू धर्म में किसी भी पूजन के बाद अंत में देवी-देवताओं की आरती उतारी जाती है। आज 25 जून को निर्जला एकादशी व्रत है। इस व्रत में भगवान विष्णु का विधिवत पूजा किया जाता है। यहां देखें भगवान विष्णु की आरती।