
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अमेरिकी कानून का सामना कर रहे हैं। उनके इस केस की सुनवाई 92 साल के जज हेलरस्टीन कर रहे हैं, जिन्हें लगभग 28 साल से कोर्ट में सुनवाई करने का अनुभव है।

अमेरिका ने चे ग्वेरा को मरवाया और 'भारत के दोस्त' फिदेल कास्त्रो की जान लेने की सैकड़ों कोशिशें कीं। जानिए आखिर 65 साल बाद भी दुनिया की महाशक्ति इस छोटे से देश के सामने लाचार क्यों नजर आती है।

वेनेजुएला में विपक्ष की नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरेना मचाडो अपना पुरस्कार ट्रंप को देने के लिए तैयार हो गई हैं। हालांकि, उनके बयान के बाद नोबेल पुरस्कार समिति ने ऐसा करने से इनकार किया है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है, और उसकी रिफाइनरियां वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को संसाधित करने में सक्षम हैं। 2019 से पहले भारत वेनेजुएला का प्रमुख खरीदार था। जानिए पूरा मामला क्या है?

वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को उनके घर से उठाने के बाद भी अमेरिका रहम दिखाने के मूड में नहीं है। शुक्रवार को अमेरिकी सैन्य बलों ने वेनेजुएला से जाने वाले एक और तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया। यह अब तक कब्जे में लिया गया पांचवा टैंकर है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अभी भी नोबेल पुरस्कार जीतने की उम्मीद है। पुरस्कार विजेता वेनेजुएला की नेता विपक्ष मचाडो से मिलने से पहले ट्रंप ने कहा कि अगर वह इसे साझा करने के लिए तैयार हैं, तो वह इसे स्वीकार करेंगे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि मादुरो को उठाने के बाद सेना वेनेजुएला पर एक और हमला करने की तैयारी में थी, लेकिन उसे अब रोक दिया गाय है। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला का नया प्रशासन राजनैतिक कैदियों को रिहा करके सही संकेत दे रहा है।

अमेरिकी प्रोफेसर जॉन मियर्सहाइमर ने कहाकि अगर वैश्विक नेताओं को ट्रंप से अपनी बातें मनवानी है, तो उन्हें उनके सामने खड़ा होना होगा, उनकी बातों का विरोध करना होगा, क्योंकि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो ट्रंप उन्हें कुचलकर आगे बढ़ जाएंगे।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति बनकर जनता के बीच मसीहा बने ह्यूगो चावेज ने 1998 सरकार का खजाना जनता के लिए खोल दिया। लेकिन यह फैसला गलत साबित हुआ। पहले से ही खस्ताहाल हो रहे उद्योग धंधे अब पूरी तरह से तबाह गए। पूरा देश तेल के निर्यात पर निर्भर हो गया।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को उनके घर से उठाने के बाद अमेरिका ने वहां के तेल भंडार को अपने कब्जे में लेने का प्लान बना लिया है। हालांकि, वैश्विक रिपोर्ट्स के मुताबिक वेनेजुएला केवल दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंड़ारक देश नहीं है, बल्कि इसके पास और भी कई संसाधनों के बड़े भंडार हैं।