
Tax Refund Fraud: बताया जा रहा है कि आरोपी महिला मेरठ की एक झुग्गी में रहती है और 225 वर्ग फुट के घर में रहती है। वह एक छोटी सी फर्म में एकाउंटेंट थी। उसी अनुभव का इस्तेमाल कर उसने सिस्टम की खामियों को जाना और उनका लाभ उठाया। उसने रेफरल छूट के जरिए देशभर में ग्राहकों का एक बड़ा नेटवर्क बनाया।

नया टैक्स सिस्टम स्लैब के हिसाब से काम करता है। मतलब, आपकी पूरी सैलरी पर एक ही रेट से टैक्स नहीं लगता, बल्कि हर हिस्से पर अलग-अलग रेट लगती है। आइए सीए संतोष मिश्रा और सीए अभिनंदन पांडेय से समझते हैं इनकम टैक्स स्लैब का जादू कैसे काम करता है...

ITR Updates: ऐसे लोगों को भी आईटीआर भरना चाहिए जिनका विदेशों में खर्च 2 लाख रुपये से अधिक हो, एक वित्त वर्ष में 50 लाख रुपये से अधिक का डिपॉजिट हो।

1 April 2026 Rule Changes: नए फाइमेंशियल ईयर की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से हो रही है। HRA, STT, पैन कार्ड से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है।
31 मार्च वित्तीय वर्ष 2025-26 का आखिरी दिन है। यही वह तारीख है , जब एडवांस टैक्स का भुगतान पूरा करना होता है, टैक्स सेविंग निवेश फाइनल होते हैं और पेंडिंग नोटिस और कंप्लायंस पूरे करने होते हैं यानी टैक्सपेयर्स और विभाग, दोनों के लिए यह सबसे अहम दिन होता है।
अब टैक्स सिस्टम पहले से ज्यादा स्मार्ट, डिजिटल और पारदर्शी बनने जा रहा है, जिससे ईमानदार टैक्सपेयर्स को फायदा मिलेगा और टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी। आइए 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहे नए टैक्स सिस्टम को विस्तार से समझ लेते हैं।
Budget 2026: मिडिल क्लास को इस बार के बजट 2026 में इनकम टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है। जिसकी वजह से वजट 2025 की घोषणाएं ही लागू रहेंगी। नए टैक्स रिजीम के तहत कर्मचारियों को 12 लाख की आय के बाद 75000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम करने का मौका मिलता है।
ITR Filing 2025: भारत में करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर नजदीक आ रही है। ऐसे में सैलरी पाने वाले ज्यादातर लोगों के मन में एक सवाल आम है कि क्या वे आईटीआर फाइल करते समय पुराने और नए टैक्स रिजीम के बीच स्विच कर सकते हैं?
New Tax Rules: वर्तमान में एक जनवरी, 2025 से 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले मोटर वाहनों पर एक प्रतिशत की दर से टीसीएस लगाया जा रहा है।
Tax Advice: ओल्ड टैक्स रिजीम तभी फायदेमेंद होगी, जब टैक्सपेयर लगभग 5.5 लाख रुपये की कटौती का दावा करने की स्थिति में हो।