
नेपाल में बूढ़ी गंडक नदी में भयंकर बाढ़ आ गई है। इस बाढ़ में कई गांव डूब गए हैं। वहीं कम से कम चार लोगों के लापता होने की खबर है। भोटेकोशी में आई बाढ़ के बाद भी 5 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं।

नेपाल में 26 अगस्त को आई भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ के 40 दिन बाद गैर-जरूरी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया। बाढ़ में 1,455 लोगों की मौत हुई, जबकि 5,285 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 189 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ-साफ देखा जा सकता है कि, पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा ढह रहा है। जानकारी के मुताबिक, ये वीडियो नेपाल के मुस्तांग जिले का है।वीडियो में पहाड़ का बड़ा हिस्सा अचानक तेजी से नीचे गिरता दिखाई दे रहा है।

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ से हालात बेकाबू हो सकते हैं। दरअसल नेपाल के ग्लेशियर वाली बाढ़ से तिगुना पानी बिहार आ रहा है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मधेपुरा, सहरसा समेत कई जिलों में सैकड़ों लोग परेशान हैं।
भारी बारिश के बीच नेपाल से छोड़े गए पानी ने यूपी में भारी तबाही मचाई है। सरयू में बाढ़ और कटान से शिव मंदिर और मस्जिद समेत कई घर समा गए हैं। नदी में आई बाढ़ ने 18 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
Bihar Flood: अब गंडक नदी ने उत्तर बिहार में तबाही मचाई है। पश्चिमी चम्पारण के वाल्मीकिनगर, बगहा-2, बगहा-1, पिपरासी, मधुबनी, ठकहरा, भितहा, योगापट्टी, बैरिया व नौतन के दियारा क्षेत्र के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। बगहा-वाल्मीकिनगर पथ भी डूब गया है।
लापता लोगों में पर्वतारोहण अभियानों से जुड़े गाइड और किचन स्टाफ शामिल हैं। 'इमैजिन नेपाल' एजेंसी के संचालक मिंगमा ग्याल्जे शेरपा ने पुष्टि की है कि उनकी एजेंसी के दो किचन स्टाफ सदस्य लापता लोगों में शामिल हैं।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बीते 26 अगस्त को हिमस्खलन के कारण अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के कई जिलों में भारी तबाही मचाई। हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। अब नेपाल ने भारत से क्या कहा?
नेपाल अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह से नदियों और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर निर्भर है। लेकिन इस भौगोलिक निर्भरता का एक नुकसान यह भी है कि जब भी बाढ़ या भूस्खलन जैसी आपदा आती है, तो नेपाल का पावर ग्रिड रातों-रात धराशायी हो जाता है।
नेपाल में आई बाढ़ से 7 बड़ी हाइड्रोपावर परियोजनाओं और 5 सौर संयंत्रों को नुकसान पहुंचा है। इससे कुल मिलाकर लगभग 275 मेगावाट बिजली आपूर्ति में रुकावट आ गई है। अब भारत संकट की घड़ी में सामने आया है।