
Bokaro News: भाई-बहन के प्रति प्रेम का प्रतीक करमा पर्व मंगलवार से शुरू हुआ। इसे भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है, जहां बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं। नदियों और तालाबों में स्नान के बाद, बांस से बनी टुपला में बीज डालकर नौ दिन तक लोक गीत गाकर पर्व मनाया जाएगा।

Gridih News: बगोदर के देवराडीह पंचायत में विराट करम महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें डुमरी विधायक जयराम महतो मुख्य अतिथि रहे। महोत्सव का उद्देश्य करम पर्व के महत्व को उजागर करना था। विधायक ने इसे हमारे सांस्कृतिक और प्राकृतिक प्रेम का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में पारंपरिक संगीत और नृत्य का आयोजन किया गया, जिसे ग्रामीणों ने खूब सराहा।

Hardoi News: अतरौली के लालपुर खाले गांव में श्रीमद्भगवद् कथा ज्ञान गंगा का समापन कन्या भोज और भण्डारे के साथ हुआ। कथा का आरम्भ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को हुआ था। कथा व्यास ने गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए प्रकृति के महत्व पर जोर दिया और इसकी सुरक्षा की बात की।

Sasaram News: रोहतास, एक संवाददाता। जुटाई और कला, संस्कृति व पर्यटन विभाग को ई-मेल के माध्यम से क्षेत्र के विकास की मांग भेजी। संस्था के संरक्षक
Jamshedpur News: जमशेदपुर से लगभग 24 किलोमीटर दूर छोटा बांकी को पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। डैम के आस-पास बोटिंग, ट्रेकिंग और रॉक क्लाइंबिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सड़क संपर्क बेहतर बनाया जाएगा और एक टूरिस्ट एमेनिटी सेंटर भी बनाया जाएगा। इससे युवाओं और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित किया जाएगा।
जमुई । नगर प्रतिनिधि बुधवार को राजकीय डिग्री महाविद्यालय इस्लामनगर अलीगंज में हिमालय दिवस
हरिद्वार/ भेल स्थित गुरु नानक एकेडमी स्कूल में बच्चों और शिक्षिकाओं ने हिमालय बचाओ की शपथ ली। इस अवसर पर प्रिंसिपल ममता सोलंकी ने 200 बच्चों को शपथ दि
शिक्षक किताबों के पाठ से ऊपर उठकर बच्चों के भविष्य को संवारते हैं। कई शिक्षक अपने कार्यकाल के बाद भी बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित हैं। उन्होंने विद्यालयों में सुधार कर आकर्षक वातावरण बनाया है। शिक्षक दिवस पर इनके प्रयास समाज के लिए प्रेरणा बने हैं।
Haldwani News: हल्द्वानी में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियाँ जोर पर हैं। वन अनुसंधान केंद्र में कृष्ण वाटिका तैयार की गई है, जिसमें पौराणिक वनस्पतियाँ जैसे कृष्णवट, कदंब, मौलश्री, कृष्ण कमल और वैजयंती शामिल हैं। यहाँ प्रवेश निशुल्क है, और लोगों को इन पौधों के धार्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व के बारे में जानकारी मिलेगी।
कतलिह गाँव के प्राथमिक विद्यालय मिर्धाचक में, प्रधान शिक्षक अर्जुन केशरी ने बच्चों को कक्षा से बाहर ले जाकर प्रकृति और कृषि से जोड़ते हुए शैक्षणिक गतिविधियाँ करवाईं। बच्चों ने आम के पेड़ और मक्का की फसल का अवलोकन कर व्यवहारिक जानकारी प्राप्त की, जो कक्षा की शिक्षा को विस्तारित करती है।