
एनसीआरटीसी ने को-वर्किंग स्पेस उपलब्ध कराने की शुरुआत की है। फिलहाल, गाजियाबाद स्टेशन पर इसकी शुरुआत की गई है। योजना सफल रही तो आने वाले दिनों में दिल्ली और मेरठ के बड़े स्टेशनों पर भी इसकी शुरुआत की जा सकती है।

दिल्ली मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की सफल शुरुआत के बाद अब दिल्ली एनसीआर के अन्य रूटों पर भी रैपिड रेप परियोजना की तैयारी तेज हो गई है। इसके तहत दूसरे चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत, बुलंदशहर, खुर्जा और हापुड़ जैसे शहरों को हाईस्पीड कनेक्टिविटी से जोड़ने का खाका तैयार कर लिया गया है।

गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत परियोजना की तैयारी तेज हो गई है। इस रूट के बनने से गौतमबुद्ध नगर के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। वे दिल्ली के जाम में फंसे बिना नोएडा से गुरुग्राम और फरीदाबाद जा सकेंगे। नमो भारत की दोनों लाइन सूरजपुर में मिलेंगी।

दिल्ली से मेरठ तक घंटों का सफर मिनटों में करने का सपना अब साकार हो गया। फरीदाबाद-नोएडा-गुरुग्राम कॉरिडोर, गाजियाबाद-जेवर, दिल्ली-बड़ौत और गाजियाबाद-हापुड़ कॉरिडोर के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।

दिल्ली-मेरठ के बीच सफल संचालन के बाद नमो भारत जल्द ही गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा को भी जोड़ेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को बताया कि नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर के फाइनल एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी गई है।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के पहले एक पूरे दिन के ऑपरेशन के दौरान नेटवर्क के मुख्य स्टेशनों पर यात्रियों की अभूतपूर्व संख्या देखी गई। इस कॉरिडोर ने पहली बार 1 लाख यात्रियों का आंकड़ा पार किया है।

करनाल की कनेक्टिविटी महज एक घंटे की ही रह जाती है तो फिर एनसीआर का विस्तार भी वहां तक हो जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर में महंगे घरों के संकट से भी थोड़ी राहत मिल सकती है। एयर पलूशन से जूझ रहे लोगों को दिल्ली से थोड़ा दूर ही सही, लेकिन अच्छे माहौल में रहने का मौका मिलेगा।

ट्रैक की एलिवेटेड (पुल पर) लंबाई 70 किलोमीटर है तो वहीं अंडरग्राउंड 12.0 किलोमीटर है। ट्रैक का 14 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में बना गया है तो 68 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में बना है। ट्रेनों के रखरखाव के लिए दुहाई और मोदीपुरम में दो डिपो बनाए गए हैं। प्रोजेक्ट की कुल लागत 30,274 करोड़ रुपये है।