
जयपुर नगर निगम की एक कार्रवाई ने उसकी कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो के अनुसार नगर निगम के दस्ते ने लालकोठी मंडी के पास सड़क किनारे लगे गरीब फल विक्रेताओं के ठेलों को जबरन पलट दिया

जयपुर के मालवीय नगर में शुक्रवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक निर्माणाधीन पांच मंजिला बिल्डिंग में अचानक बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगीं। जैसे ही दरारों की जानकारी आसपास के लोगों और प्रशासन को मिली, मौके पर हड़कंप मच गया।

लखनऊ में अतिक्रमण और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई जारी है। शनिवार को भी नगर निगम ने अभियान चलाकर अतिक्रणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की और दुकानदारों पर जुर्माना लगाया।

टैंक चौक से नगर निगम पुल तक नहर पटरी के सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसमें सुरक्षा रेलिंग, बैंच, वेडिंग जोन और दुकानों का निर्माण शामिल है। पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी, खासकर कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के लाभ के लिए। फैंसी लाइटें भी लगाई जाएंगी।

लखनऊ नगर निगम ने गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ एक अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत सिंगल-यूज प्लास्टिक और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया गया।

नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया है। विभिन्न जोनों में कई व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया। कुल मिलाकर 21,500 रुपये का दंड वसूला गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सपना टॉकिज और रामपुर चुंगी के बीच लगने वाला साप्ताहिक गुरु बाजार अब नहीं लगेगा। नगर निगम ने जाम और एम्बुलेंस फंसने जैसी समस्याओं के कारण एनओसी निरस्त कर दी है। इससे ग्राहकों को खरीदारी में दिक्कत होगी और दुकानदारों को सामान जब्त होने का डर है।

हल्द्वानी के पटेल चौक पर फेरी की दुकानों के कारण हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। रविवार शाम को एक एंबुलेंस जाम में फंस गई, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। नगर निगम ने रामलीला मैदान में पार्किंग बनाई है, लेकिन बढ़ती दुकानों के कारण रास्ता संकरा हो गया है।

मुजफ्फरपुर में नए साल में शहर के अंधेरे गली-मोहल्लों को रोशन करने के लिए निगम 6016 स्ट्रीट लाइटें खरीदेगा। इसमें 70 वाट की 4954 और 120 वाट की 1062 लाइटें शामिल होंगी। इस परियोजना पर 5.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे और दिसंबर के अंत तक लाइटें लगाने की उम्मीद है।

जयपुर नगर निगम के विलय के बाद प्रशासनिक ढांचे में चल रही असमंजस की स्थिति अब साफ होने लगी है। निगम प्रशासन ने पहला बड़ा पुनर्गठन करते हुए कई प्रमुख पदों पर व्यापक फेरबदल किया है।