
भूकंप का केंद्र भूटान के पुणखा में स्थित था, जो पश्चिम बंगाल के उत्तर में है। उत्तर बंगाल, पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों और बांग्लादेश में भी झटके महसूस किए गए। कई इंटरनेट यूजर्स ने सोशल मीडिया पर क्षेत्र में भूकंप के झटकों की जानकारी साझा की।

म्यांमार में इसका केंद्र मगवे क्षेत्र में येनांगयौंग से लगभग 95 किमी पश्चिम में था, गहराई लगभग 10-57 किमी। यह भूकंप और कई बड़े क्षेत्रों में महसूस किया गया। कोलकाता में भी लोगों ने धरती में कंपन महसूस की है।

Myanmar: म्यांमार में जारी हिंसा और आपसी झड़पों के दौर के बीच भारत के पूर्वात्तर राज्य मिजोरम में हजारों की संख्या में शरणार्थी घुस आए हैं। सैन्य अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि वहां पर आपसी झड़प के बाद यह लोग भारत की तरफ आ गए हैं।

म्यांमार में हाल में ही आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट काधम्बरी एस विश्वनाथन ने 2,45,92,500 म्यांमार क्याट यानी दस लाख रुपये की सहायता राशि दान की है…
रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.8 मापी गई, जिसका केंद्र पाकिस्तान में 33.63 डिग्री उत्तर अक्षांश और 72.46 डिग्री पूर्व देशांतर पर 12 किलोमीटर की गहराई पर था। अभी तक जान के नुकसान या संपत्ति को क्षति की कोई खबर नहीं है।
जो लोग मदद स्वीकार करने में झिझक रहे थे, अब वे आभार जताते थक नहीं रहे हैं। भूकंप उस समय आया जब मुस्लिम पवित्र महीने रमजान के अंतिम जुमे पर अलविदा की नमाज अदा कर रहे थे।
म्यांमार में बीते सप्ताह आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई। इस आपदा के बाद मलबे को हटाने का कार्य जारी है। हादसे के 5 दिन बाद एक शख्स को चमत्कारिक तरीके से मलबे से बाहर निकाला गया है।
म्यांमार में बीते सप्ताह आए भूकंप के बाद मरने वालों की संख्या 3000 से ज्यादा तक पहुंच चुकी है। राहत और बचाव कार्य जारी है जहां मलबे से लोगों को जिंदा निकाले जाने की संभावनाएं खत्म होती जा रही हैं।
भारत ने पड़ोसी म्यांमार की मदद के लिए तुरंत कदम उठाया। 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत भारत ने राहत और बचाव कार्यों के लिए अपनी सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, और चिकित्सा टीमें म्यांमार भेजी हैं।
भूकंप के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मंगलवार को 1 मिनट का मौन रखा गया। म्यांमार में आज स्थानीय समयानुसार 12 बजकर 51 मिनट पर पूरे देश में मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए सायरन बजने लगे।