
सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले पूर्वी दिशा में एक पतला अर्धचंद्र, लाल मंगल ग्रह और प्लियाडेस (कृतिका नक्षत्र) मिलकर एक त्रिकोणीय आकृति बनाएंगे। इसे नंगी आंखों से साफ देखा जा सकता है। यह घटना 11 जुलाई को होगी।

Next Blue Moon in 2008: 31 मई 2026 को दिखने वाले ब्लू मून के बाद अगला ब्लू मून कब दिखाई देगा? जानिए इसकी सटीक तारीख, ब्लू मून क्या होता है और यह खगोलीय घटना क्यों मानी जाती है खास।

Blue Moon 2026 Today: आज ब्लू मून के मौके पर चंद्रमा को जल अर्पित करने का सही तरीका जानें। साथ ही जानिए जल चढ़ाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए और इस उपाय का क्या महत्व माना जाता है?

आर्टेमिस-II मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर यात्रा कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने चंद्रमा के दूर वाले हिस्से से यह अनोखा दृश्य कैद किया। इस तस्वीर में नीले रंग की पृथ्वी सफेद बादलों के साथ दिखाई देती है।
Aaj chand kitne baje niklega , Moon Rise Time , Aaj Chand kab niklega : सकट चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को अब चांद के दीदार का इंतजार है। अधिकतम जगहों पर आज चांद 8.30 बजे के आसपास दिख जाएगा।
Moon Rise Time in Bihar Today on Sakat Chauth 2026: इस व्रत को तिलकुटी एवं वक्रतुण्ड चतुर्थी व्रत के नाम से भी जानते हैं। इस दिन गणेश जी की पूजा के बाद सायं काल में चंद्र दर्शन होने पर दूध का अर्घ्य देकर चंद्रमा की विधिवत पूजा की जाती है।
Sakat Chauth moonrise timing: शाम को पूजा करें, कथा करें और भगवान गणेश की आरती करें। इसके बाद चंद्र द्रेव के दर्शन करें। यहां हम बता रहे हैं, शाम को कैसे करने हैं चंद्र देव के दर्शन
Moonrise time Rajasthan Aaj chand kitne baje niklega : आज राजस्थान में तिलकुटा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है।जानें आज राजस्थान के जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर समेत तमाम जिलों में कब निकलेगा चांद
sakat chauth aaj chand kab niklega: इस बार सकट चौथ के त्योहार को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि चतुर्थी तिथि दो दिन पड़ रही है। कई लोग असमंजस में हैं कि यह व्रत 6 जनवरी को रखा जाए या सात जनवरी को।
Sakat Chauth Moonrise Time, Chand Nikalne Ka Samay Kab Hai: सकट चौथ का व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। इस व्रत में चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देना सबसे अहम माना जाता है। मान्यता है कि चांद देखने के बाद ही सकट चौथ का व्रत पूर्ण होता है।