
मोहिनी भगवान विष्णु का अवतार रूप थीं। इसकी कथा समुद्र मंथन से जुड़ी है। ऐसा कहा जाता है कि समुद्र मंथन से निकले अमृत को लेकर जब देवों और असुरों में विवाद हुआ तो उसके निस्तारण के लिए स्वयं भगवान विष्णु ने ही मोहिनी रूप

मोहिनी एकादशी व्रत आज है। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और इसके पालन से पापों का नाश और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान होंगे।

Mohini Ekadashi Vrat Katha:मोहिनी एकादशी का व्रत आज सोमवार 27 अप्रैल को रखा जाएगा। इस दिन इस कथा का पाठ करना चाहिए। इससे भगवान विष्णु की कृपा और सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

इस दिन श्रद्धालु प्रात:काल स्नान कर व्रत का संकल्प लेते हैं। इस व्रत में संकल्प लेना बहुत जरूरी है। दिनभर फलाहार या निर्जला व्रत रखते हुए भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करते हैं। शाम के समय दीप-धूप से पूजा कर एकादशी व्रत कथा का श्रवण किया जाता है।
Mohini Ekadashi ko kya daan kare: पंचांग के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को मोहिनी एकादशी है। ऐसे में मोहिनी एकादशी के दिन कुछ चीजों का दान करने से सुख-संपदा में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं मोहिनी एकादशी के दिन किन चीजों का दान करना उत्तम रहेगा-
Mohini Ekadashi 2026 time Date Mohini Ekadashi Muhurat: इस साल मोहिनी एकादशी का व्रत सोमवार के दिन रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से पापों का शमन एवं सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
Mohini Ekadashi 2026: इस बार यह व्रत 27 अप्रैल दिन सोमवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस व्रत को करने से मनुष्य के सभी कष्ट दूर होते हैं।
Mohini Ekadashi 2026: 27 अप्रैल 2026 को मोहिनी एकादशी है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि मोहिनी एकादशी के नाम से जानी जाती है। इस एकादशी पर तुलसी जी से जुड़े कुछ उपाय आर्थिक तंगी दूर करते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ाते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से...
mohini ekadashi kab hai: एकादशी के दिन सबसे पहले सूर्योदय से पहले उठकर नहाएं। साफ कपड़े पहनें। इस दिन सबसे पहले पूजा का संकल्प लें। भगवान को चंदन अर्पित करें और भगवान की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें।
मोहिनी एकादशी की पूजा और व्रत का विशेष महत्व होता है। ऐसे में जानते हैं कि आखिर अप्रैल के महीने में ये व्रत किस तारीख को पड़ेगा और इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होगा?