
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि एकत्व को पहचानने की कमी के कारण दुनिया में कलह और युद्ध खत्म नहीं हो रहे हैं। उन्होंने सद्भावना और एकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समाज को भेद और स्वार्थ छोड़कर एकजुट होना चाहिए। इससे भारत एक सुखी और समृद्ध दुनिया का निर्माण कर सकता है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सनातन धर्म सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश देता है। जाति के नाम पर भेदभाव धर्म और समाज के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि धर्म का पालन व्यक्ति के व्यवहार में होना चाहिए और समाज की एकता धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आवश्यक है।

आधयात्मिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई लखनऊ। मुख्य संवाददाता राष्ट्रीय स्वयं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें सभी नागरिकों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने आलोचकों से अपील की कि वे संघ को पहले समझें और फिर टिप्पणी करें। भागवत ने कहा कि अज्ञानता पर आधारित आलोचना उपयोगी नहीं है।

RSS Chief Mohan Bhagwat: देहरादून पहुंचे आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने अग्निवीर योजना को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना में सुधार हो सकता है। अगर जरूरत पड़े तो रिव्यू कर सकते हैं।

देहरादून पहुंचे आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने टैरिफ, आरक्षण की जरूरत समेत पांच मुद्दों पर अपनी बात रखी। साथ ही भागवत ने तीन बच्चों के फॉर्मूले की भी वकालत की।

मेरठ में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश को तोड़ने वाली आंतरिक और बाहरी ताकतों से सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने 'हिन्दू' का अर्थ जोड़ना और लोक कल्याण बताया। भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ व्यक्ति निर्माण की कार्यशाला है और विविधता में एकता ही भारत का सत्य है।

मेरठ में हुई खिलाड़ी संवाद गोष्ठी में जिले के खिलाड़ियों और शिक्षकों ने भाग लिया। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने खिलाड़ियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए और मास्टर्स खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं पर भी चर्चा की। गोष्ठी में कई अंतर्राष्ट्रीय और स्थानीय खिलाड़ी शामिल हुए।

दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संघ की सौ वर्षों की यात्रा के उतार-चढ़ाव से लेकर वर्तमान हालात पर बात की। डॉ.भागवत ने कहा भारत में जो भी निवास करता है वह हिन्दू है। हमारे मत, पंथ, पूजा पद्धति अलग हो सकती हैं, लेकिन हम सब हैं हिन्दू ही।

दिग्विजय सिंह ने टी-20 विश्व कप में भारतीय क्रिकेटरों की ओर से पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘उन्हें हाथ मिलाना चाहिए। यह खेल भावना है। खेल के मैदान पर राजनीति नहीं हावी होनी चाहिए।'