
रेलवे ने मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर दी है। सुपौल, निर्मली, झंझारपुर और सकरी के रास्ते दिल्ली के लिए विशेष ट्रेनों का परिचालन 26 अप्रैल से शुरू होगा। ये ट्रेनें सप्ताह में दो बार चलेंगी, जिससे यात्रियों को गर्मियों में राहत मिलेगी।

बिहार सरकार दरभंगा शहर के पास मिथिला टाउनशिप विकसित करने जा रही है। इसके लिए दरभंगा जिले के 102 गांवों को चिह्नित किया गया है। इन गांवों में जमीन-खरीद बिक्री पर रोक लगा दी गई है। नई सेटेलाइट टाउनशिप दरभंगा एयरपोर्ट से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर बनाई जाएगी।

मिथिलांचल में शादी का सीजन शुरू होते ही कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एसडीएम के आदेश के बावजूद गैस एजेंसियां पर्याप्त सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा रही हैं। शादी और भोज कार्यक्रमों में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे आयोजकों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान हो रहा है।

पूर्व मध्य रेल ने मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र के लिए सकरी-फारबिसगंज रेल लाइन के दोहरीकरण का सर्वे कार्य शुरू किया है। इससे क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा और ट्रेनें समय पर चलेंगी। इस परियोजना के लागू होने से स्थानीय व्यापार और कृषि उत्पादों की आवाजाही में वृद्धि होगी।
मधुबनी में सकरी-झंझारपुर-निर्मली रेल लाइन की उपयोगिता का विस्तार नहीं हो पा रहा है। प्रवासियों को दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों तक नियमित ट्रेन सेवा की कमी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों और छात्रों ने इस रूट पर नियमित सुपरफास्ट ट्रेनों की मांग की है। रेलवे को इस क्षेत्र की विकास क्षमता को पहचानना चाहिए।
पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात का मिथिलांचल के निर्यात कारोबार पर असर दिखाई दे रहा है। समस्तीपुर से खाड़ी देशों को मसाले, तंबाकू और मिथिला पेंटिंग का निर्यात प्रभावित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण शिपमेंट में देरी और लागत बढ़ने से छोटे निर्यातकों को नुकसान हो रहा है।
मधुबनी में मिथिलांचल हरि नाम संत सम्मेलन की बैठक हुई। अगले वर्ष 83 वां अधिवेशन आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें प्रसिद्ध संतों को आमंत्रित किया जाएगा। इस दौरान नि:शुल्क योग शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें विभिन्न रोगों के बारे में जानकारी दी गई।
मधुबनी में मिथिलांचल हरिनाम संत सम्मेलन का 82 वां अधिवेशन श्रीरामार्चा पूजन के साथ शुरू हुआ। इस अवसर पर पंडित मैथिली शरण ने बताया कि यह पूजा हजारों अश्वमेध यज्ञों के समान फलदायक है। सम्मेलन में कई संत और श्रद्धालु शामिल हुए और प्रवचन का आयोजन शाम चार से रात दस बजे तक होगा।
बिहार के मिथिला क्षेत्र में प्राचीन शहर की खोज को एएसआई ने मंजूरी दे दी है। मधुबनी जिले के बलिराजगढ़ में पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा खुदाई की जाएगी। माना जाता है कि यहां रामायण काल के दौरान एक विकसित शहर रहा होगा।
रांची में विद्यापति स्मारक समिति द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाकवि विद्यापति के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। समारोह में पारंपरिक भगवती वंदना और फगुआ गीतों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध किया। समाज के लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर भाईचारे का संदेश दिया।