
चाईबासा के केंदपोसी स्थित डिग्री कॉलेज का निरीक्षण श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने किया। जांच में मजदूरों की कार्य स्थिति, श्रम सुविधाएं और कानूनों का अनुपालन देखा गया। कॉलेज प्रबंधन को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अनुपालन न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

जौनपुर में मंगलवार को यूपीएमएसआरए और एफएमआरएआई के आह्वान पर दवा प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय मांग दिवस मनाया। उन्होंने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। ज्ञापन में न्यूनतम मजदूरी, कार्य दिवस, ठेका मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा, और श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

जमालपुर में भाकपा (माले) ने मजदूर आंदोलनों को एकजुट करने के लिए राष्ट्रीय एकजुटता दिवस मनाया। बैठक में महंगाई के अनुसार पारिश्रमिक देने की मांग की गई। 10 मई को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास मार्च के दौरान नेताओं को नजरबंद किया गया। पार्टी ने मजदूरों के हक और राजनीतिक स्वतंत्रता की मांग की।

-‘राष्ट्रीय मांग दिवस’ पर प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कानपुर देहात में श्रमिकों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए डीएम कपिल सिंह ने कमान संभाली। मंगलवार को बैठक में न्यूनतम मजदूरी, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और औद्योगिक वातावरण को संतुलित रखने पर चर्चा की गई। सभी कंपनियों को हर महीने 7 तारीख तक वेतन का भुगतान करने और श्रमिकों की शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सोनभद्र में इंटक कार्यकर्ताओं ने श्रमिकों की समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर श्रम संहिता को वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी 26000 रुपये प्रतिमाह देने और त्रिपक्षीय वार्ता की मांग की। इस दौरान कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नोएडा आंदोलन के समर्थन में संयुक्त ट्रेड यूनियन और कर्मचारी महासंघों ने एलआईसी कार्यालय पर प्रतिरोध सभा आयोजित की। उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों को रिहा करने, न्यूनतम वेतन 26000 करने, लेबर कोड वापस लेने और काम के घंटे आठ करने की मांग की गई।
झारखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के बैनर तले आंगनबाड़ी सेविका सहायिका 12 मई को गोड्डा में धरना प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन में वे न्यूनतम मजदूरी, पेंशन, सरकारी कर्मचारी का दर्जा, और अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। बैठक में कई आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं।
- न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया
फरीदाबाद में कंपनियों द्वारा नए न्यूनतम वेतनमान को लागू करने में देरी के कारण कर्मचारियों का विरोध बढ़ रहा है। पिछले 10 दिनों में श्रम विभाग के पास 15 से अधिक शिकायतें आई हैं। शनिवार को एक ऑटोमोबाइल कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप कर बातचीत करवाई।