
ईडी ने तर्क दिया कि मेहुल चोकसी ने 2013 में यह संपत्ति जानबूझकर रोहन के नाम ट्रांसफर की थी, ताकि धोखाधड़ी पकड़े जाने पर संपत्ति जब्त होने से बचाई जा सके। यह कदम एक तय रणनीति थी, क्योंकि अपराध 2015-2017 के बीच हुआ था।

मेहुल चोकसी ने पंजाब नेशनल बैंक में 13000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में भारत प्रत्यर्पण को चुनौती दी थी। एंटवर्प की अपीली अदालत ने चोकसी के प्रत्यर्पण के भारत के अनुरोध को लागू-योग्य बताते हुए बरकरार रखा था।

भारत ने चोकसी की सुरक्षा, भारत में मुकदमे के दौरान उसके सामने आने वाले आरोपों, जेल व्यवस्था, मानवाधिकारों और चिकित्सा आवश्यकताओं के संबंध में बेल्जियम को कई आश्वासन दिए हैं।

पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी की 13 संपत्तियों की नीलामी जल्द हो सकती है। पीएमएलए अदालत ने संपत्तियों की वैल्युएशन करने और फिर नीलाम करने की अनुमति दे दी है।

भारतीय कानून के तहत चोकसी पर आईपीसी की धाराएं 120बी (आपराधिक साजिश), 201 (सबूत नष्ट करना), 409 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), और 477ए (हिसाब-किताब में हेराफेरी) लगाई गई हैं।

बेल्जियम की अदालत ने मेहुल चौकसी के प्रत्यर्पण का आदेश दे दिया है। मामले से परिचित एक अधिकारी ने बताया है कि प्रत्यर्पण की दिशा में पहला और एक बहुत ही महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है

ब्रिटेन से नीरव मोदी को प्रत्यर्पित करवाने के लिए भारतीय एजेंसियों ने कोर्ट को आश्वासन देने का फैसला किया है। एजेंसियों का कहना है कि नीरव मोदी पर ना तो कोई नया केस दर्ज होगा और ना ही पूछताछ की जाएगी।

भारत ने बेल्जियम को पत्र लिखकर बताया है कि प्रत्यर्पण के बाद मेहुल चौकसी को आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा जहां 24 घंटे मेडिकल फैसिलिटी उपलब्ध होगी।

नीरव मोदी का छोटा भाई निहाल मोदी अमेरिका से गिरफ्तार किया गया है। वह तीन साल पहले भी अमेरिका की जेल में था। उसपर सऊदी अरब से 50 किलो सोना के अलावा अकूत संपत्ति गायब करने का आरोप है।

भारतीय एजेंसियों की अपील पर नीरव मोदी के भाई निहाल मोदी को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। 13 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले में वह भी आरोपी है। वह फर्जी कंपनियों के जरिए पैसे का लेनदेन करता था।