
मौनी अमावस्या पर हुए विवाद के बाद से नाराज चल रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बिना स्नान ही माघ मेला अचानक छोड़ दिया है। बुधवार की सुबह वह प्रयागराज से काशी के लिए रवाना हो गए।

संगम से आस्था की डोर कुछ ऐसी बंधी है कि मौनी अमावस्या का मेला यहां खूब सजा। ज्यादतर श्रद्धालु नंगे पाव संगम तट पर पहुंचे थे। वहीं, मौनी अमावस्या केमौके पर बुजुर्ग से लेकर बच्चों तक ने आस्था की डुबकी लगाई।

प्रशासन का दावा है कि मौनी अमावस्या के अवसर पर रविवार रात तक चार करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य स्नान किया जबकि वर्ष 2013 के महाकुम्भ (तब कुम्भ) मेले की मौनी अमावस्या पर नौ फरवरी को तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान का दावा किया गया था।

अखिलेश यादव ने लिखा कि मेला क्षेत्र में पिछले साल की तरह ही इस साल फिर से साधु-संतों-भक्तों के साथ हुआ दुर्व्यवहार अक्षम्य है। सदियों से चली आ रही शाही-स्नान की अखंड सनातनी परंपरा में पिछले वर्ष भी इसी सरकार द्वारा विघ्न डाला गया था। प्रश्न ये है कि ऐसी घटनाएं भाजपा की सरकार में ही क्यों हो रही हैं।
बक्सर में दानापुर–बक्सर रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेन में हथियारबंद अपराधियों ने महिला श्रद्धालुओं से लूटपाट की। मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान को जा रही महिलाओं से नकदी व जेवर लूटे गए। विरोध करने पर गोपालगंज निवासी सूरज ठाकुर को चाकू मारकर घायल कर दिया गया।
प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के काफिले को पुलिस ने संगम तट पर जाने से रोक दिया, जिससे मेला क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। शंकराचार्य के काफिले को रोकने पर समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई, और देखते ही देखते धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
Mauni Amavasya Time kab hai Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या मौन रहने का दिन है। सुबह उठकर मौन अवस्था में गंगा माता और भगवान शिव का ध्यान कर स्नान, दान, पूजा होती है। जानें मौनी अमावस्या का खास उपाय व किन चीजों का दान करना शुभ रहेगा-
माघ महीने में सबसे अधिक पुण्य प्रदान करने वाले प्रमुख स्नानो में मौनी अमावस्या को माना जाता है। शास्त्रों की माने तो कहा जाता है की प्रयाग की पावन भूमि पर माघ महीने में रहकर कल्पवास करने से व्यक्ति के कई जन्मों के पाप समाप्त हो जाते हैं
माघ मेला के मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर अधिक भीड़ को ध्यान में रखते हुए खुसरोबाग का दूसरा गेट खोला गया। नगर निगम ने हाइड्रा का इस्तेमाल किया। पिछले साल के महाकुम्भ की तर्ज पर यात्री आश्रय और 42 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
हिंदू धर्म में अमावस्या का बहुत अधिक महत्व होता है। सभी अमावस्या में माघ में पड़ने वाली अमावस्या का महत्व कई गुना अधिक होता है। माघ अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। इस साल 18 जनवरी को माघ अमावस्या है। यह पर्व मौन रखकर भक्ति, स्नान और दान-पुण्य करने का माना जाता है।