
मारुति सुजुकी ने अपने एरिना डीलरशिप से बेची जाने वाली कारों और SUVs के लिए डिस्काउंट का ऐलान कर दिया है। इस महीने यानी मार्च में कंपनी अपनी चार कारों पर 42,500 रुपए के फायदे दे रही है। कंपनी के डिस्काउंट की लिस्ट में उसकी पॉपुलर और सबसे ज्यादा बिकने वाली वैगनआर, ऑल्टो K10, सेलेरियो और ईको शामिल हैं।

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड इस महीने यानी मार्च में ग्राहकों के लिए होली ऑफर लेकर आई है। दरअसल, कंपनी अपनी एरिना और नेक्सा डीलरशिप पर बिकने वाली कुछ सस्ती और एंट्री लेवल कारों पर शानदार डिस्काउंट दे रही है।

भारतीय ग्राहकों के बीच हैचबैक कारों को खूब पसंद किया जाता है। एक बार फिर इसे सही साबित करते हुए मारुति सुजुकी की सस्ती हैचबैक ऑल्टो और एस-प्रेसो ने मिलकर फरवरी, 2026 में कुल 10, 238 यूनिट कार की बिक्री की।

भारतीय ग्राहकों के बीच हैचबैक कारों की डिमांड हमेशा से रही है। बीते महीने जनवरी, 2026 की बात करें तो मारुति सुजुकी स्विफ्ट (Maruti Suzuki Swift) ने इस सेगमेंट में टॉप पोजीशन हासिल कर लिया।

SIAM के डेटा के अनुसार, मारुति सुजुकी मिनी सेगमेंट की बिक्री में 13% की गिरावट आई है, जो अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 में 1.03 लाख यूनिट से घटकर अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 में 90,312 यूनिट रह गई है। जबकि मारुति सुजुकी के SUV सेगमेंट की बिक्री में 0.6% की गिरावट आई है।

अगर आप कम बजट में एक नई कार लेने की सोच रहे हैं, तो फरवरी 2026 में मारुति ऑल्टो (Maruti Suzuki Alto) और मारुति H1 पर आपके लिए शानदार ऑप्शन हो सकता है। कंपनी इस महीने इस कार पर बंपर डिस्काउंट दे रही है। आइए इसकी डिटेल्स जानते हैं।

मारुति सुजुकी इंडिया के लिए जनवरी 2026 के आंकड़े बेहद शानदार रहे। कंपनी ने पिछले महीने कुल 2.36 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेचीं। जबकि जनवरी 2025 में ये आंकड़ा 2.23 लाख यूनिट का था। कंपनी के पोर्टफोलियो की देश की सबसे सस्ती कार एस-प्रेसो और ऑल्टो हैं।

मारुति सुजुकी इंडिया देश के CNG सेगमेंट की सबसे बड़ी खिलाड़ी है। इसकी बड़ी वजह कंपनी के पास किसी भी दूसरी कंपनी की तुलना में सबसे ज्यादा CNG मॉडल का होना है। FY2025 में भारत में CNG गाड़ियों की बिक्री में 22% की बढ़ोतरी हुई। पिछले फाइनेंशियल ईयर में देश में 8,38,546 CNG कार बिकीं।

साल 2025 जाते-जाते देश के एक तेजी से डाउन हो रहे कार सेगमेंट को तगड़ी ग्रोथ देकर गया है। दरअसल, पिछले कुछ सालों तक हाशिये पर रहने के बाद, भारत में हैचबैक कैटेगरी ने 2025 के आखिर में फिर से रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी। टैक्सेशन में एक बड़े बदलाव ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई।

हैचबैक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कार से ड्राइविंग आरामदायक हो जाती है। बार-बार क्लच दबाने और गियर बदलने की झंझट से राहत मिलती है। इससे शहरों की भीड़भाड़ में एक बड़ा फायदा साबित होती है।