
Supermoon 2025: आसमान में आज साल 2025 का अंतिम और सबसे भव्य ‘सुपरमून’ दिखाई देगा। यह वह अद्भुत मौका है जब हमारा चांद अपनी सामान्य पूर्णिमा की तुलना में कहीं ज्यादा बड़ा और शानदार नजर आएगा।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व है। खास तौर पर स्नान और दान के लिए यह पूर्णिमा बहुत खास मानी जाती है। कहा जाता है कि मार्गीशीर्ष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु को शंख से स्नान कराना चाहिए

Purnima Ke Upay, Margashirsha Purnima 2025 Upay: गुरुवार को मार्गशीर्ष की पूर्णिमा है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन पर कुछ उपायों को करने से विशेष रूप से धन की देवी लक्ष्मी माता का वास घर में बना रहता है।

Margashirsha Purnima Time Date 2025: शास्त्रों के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर दान, जप, स्नान एवं पूजा-पाठ करना जरूरी व फलदायक माना गया है। इस साल मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर भद्रा का साया भी रहने वाला है।

Margashirsha Purnima 2025 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा का पावन पर्व इस साल 4 दिसंबर गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान दत्तात्रेय की जयंती भी है, हिंदू धर्म ग्रंथों में इन्हें ब्रह्मा, विष्णु और शिव का अवतार बताया गया है।

margashirsha purnima 2025 puja vidhi : मार्गशीर्ष पूर्णिमा को देवशक्तियों का सबसे प्रिय दिन माना गया है। विश्वास है कि इस दिन ईमानदारी से की गई पूजा, दान और ध्यान जीवन की रुकावटें दूर कर देते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति बढ़ाते हैं।

Margashirsha Purnima 2025: मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 इस बार 4 दिसंबर को मनाई जाएगी। जानें इस शुभ तिथि का महत्व, पूजा विधि और राशि अनुसार क्या दान करना चाहिए ताकि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।

Margashirsha Purnima Upay : इस साल की आखिरी पूर्णिमा 15 दिसंबर के दिन है। धार्मिक मान्यता है इस दिन कुछ उपाय कर लेने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलने के साथ सुख-समृद्धि भी बढ़ती है।

Horoscope Full moon Rashifal Purnima : साल की आखिरी पूर्णिमा के दिन सूर्य व चंद्रमा गोचर करने वाले हैं, जिससे इस दिन का महत्व कई गुणा बढ़ गया है। ऐसे में पूर्णिमा का दिन तुला समेत 2 राशियों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।

मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा इस बार विशेष संयोग लेकर आई है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार पूर्णिमा तिथि का आरंभ शनिवार 14 दिसंबर होगा और यह रविवार 15 दिसंबर को समाप्त होगा। स्नान-दान का पुण्यकाल रविवार को रहेगा।