
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कहा है कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को तालमेल बनाकर एक ऐसी लॉबी ने बदनाम किया, जिसमें अफसरशाही, मीडिया, अदालत, सिविल सोसाइटी, आरएसएस और भाजपा के लोग शामिल थे।

कोयला खदान आवंटन में कथित घोटाला के केस से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मिली क्लीन चिट को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सही ठहराने पर कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी ने एक अंग्रेजी अखबार में आलेख लिखकर अपने मन की बात की है।

सोनिया गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा राज्यसभा में 8 फरवरी 2017 को मनमोहन सिंह पर की गई उस टिप्पणी को संसदीय इतिहास के सबसे निचले स्तर का बताया है, जिसमें ‘रेनकोट पहनकर नहाने की कला’ वाला बयान दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि सीबीआई ने जांच के बाद मनमोहन सिंह को निर्दोष पाया था और ट्रॉयल कोर्ट के पास क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने का कोई ठोस कारण नहीं था। इसके बाद पूर्व PM के खिलाफ मामले को बंद कर दिया गया।
जुलाई 2010 से जून 2012 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे कुरैशी बताते हैं कि आयोग की कार्रवाई से खुर्शीद स्पष्ट रूप से नाराज थे। इसके बाद कांग्रेस के भीतर से आवाजें उठने लगीं कि निर्वाचन आयोग अहंकारी या मनमाना हो गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 91 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह रक्षा मंत्रालय समेत कई अन्य विभाग भी संभाल चुके थे। लातूर स्थित उनके निजी आवास में उन्होंने अंतिम सांस ली।
शिवकुमार ने एक मंच पर बोलते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने 20 साल तक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में काम किया। बावजूद इसके उन्होंने अपनी ताकत कुर्बान कर दी थी, जब पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने उन्हें भारत का अगला PM बनने का प्रस्ताव दिया था।
राहुल गांधी ने लिखा कि मनमोहन सिंह की जिंदगी को सादगी, ईमानदारी और समर्पण के लिए जाना जाएगा। यह रिसर्च सेंटर उनकी विरासत के प्रति एक श्रद्धांजलि है। इसके अलावा भविष्य की पीढ़ियों को भी इससे पता चलेगा कि वास्तव में देश की सेवा करना क्या होता है।
रिपोर्ट के अनुसार, मलिक का कहना है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो के तत्कालीन विशेष निदेशक वीके जोशी ने उससे दिल्ली में मुलाकात की थी। यह मुलाकात उस समय हुई थी, जब मलिक 2005 में कश्मीर में आए भूकंप के बाद पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहा था।
Z-प्लस सुरक्षा में अधिक कर्मी और संसाधन शामिल होते हैं, जबकि Z श्रेणी भी उच्च स्तरीय होती है, लेकिन इसमें थोड़े कम संसाधन होते हैं। इस तरह समीक्षा के बाद गुरशरण कौर की सुरक्षा को Z श्रेणी में बदला गया।