
मालदीव में लापता चार इतालवी गोताखोरों की खोज के दौरान एक मालदीवी सैन्य गोताखोर की पानी के भीतर दबाव संबंधी बीमारी के कारण मौत हो गई। इटली के विदेश मंत्रालय के अनुसार, गोताखोर मालदीव के वावू एटोल क्षेत्र में लापता हुए थे। अभी भी चार इतालवी गोताखोरों की तलाश जारी है।

मालदीव में पानी के नीचे स्थित एक गुफा में लापता चार इतालवी गोताखोरों की खोज शनिवार को जारी रही। खराब मौसम के कारण पिछले दिन बचाव अभियान में रुकावट आई थी। इटली के विदेश मंत्री ने कहा कि शवों को वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे।

मालदीव में स्कूबा डाइविंग के दौरान एक हादसे में पांच इतालवी नागरिकों की मौत हो गई। यह दुर्घटना वावु एटोल क्षेत्र में हुई, जहां मृतक 50 मीटर गहराई में गुफाओं की खोज कर रहे थे। इटली के विदेश मंत्रालय ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है।

मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के बाद अब नेपाल के पीएम बालेन शाह ने भी अमेरिकी दूत सर्गियो गोर से मुलाकात करने से साफ इनकार कर दिया है। दक्षिण एशिया की राजनीति में इस बड़े कूटनीतिक झटके के क्या हैं मायने, यहां विस्तार से समझें।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने ईरान के साथ युद्ध को लेकर अमेरिका की आलोचना की। इसके बाद, अमेरिका ने मुइज्जू के बयान पर स्पष्टीकरण मांगा। अमेरिकी विशेष दूत और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने मालदीव के विदेश मंत्री से बातचीत की, जिसमें मुइज्जू के बयानों पर चर्चा की गई।
मुइज्जू ने मार्च में सर्जियो गोर से मिलने से भी इनकार कर दिया था। इस बारे में पूछे जाने पर भी मुइज्जू ने टका सा जवाब दिया था और कहा था कि उन्हें युद्ध के बारे में कोई चर्चा नहीं करनी है
सरकार ने मंगलवार को मीडिया आउटलेट 'अधधु ऑनलाइन' के खिलाफ की गई इस कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे एक कानूनी प्रतिक्रिया भर बताया है। वहीं राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू ने इस मामले को बेबुनियाद और झूठा करार दिया है।
अगर आप मालदीव जा रहे हैं, तो सावधान हो जाएं! NCB ने भारतीयों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। मालदीव के नए एंटी-ड्रग कानून के तहत ड्रग्स मामले में मौत की सजा हो सकती है। जानें एयरपोर्ट पर किन बातों का रखें खास ध्यान।
भारत ने मालदीव को मौजूदा आर्थिक एवं वित्तीय सहायता के तहत 30 अरब रुपये की पहली निकासी की मंजूरी दे दी है। यह राशि सार्क मुद्रा अदला-बदली ढांचे के तहत जारी की जा रही है। यह समझौता भारतीय रिजर्व बैंक और मालदीव सरकार के बीच अक्टूबर 2024 में हुआ था।
भारत लंबे समय से मालदीव के लिए एक भरोसेमंद साथी रहा है। करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क शुरू होने के बाद से भारत मालदीव को 1.1 अरब डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता दे चुका है।