
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में हर बड़ा पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल महाकाल मंदिर देश ही नहीं, दुनिया भर में अपनी खास परंपराओं के लिए जाना जाता है। महाशिवरात्रि के मौके पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है।

महाशिवरात्रि के स्नान के साथ माघ मेला 2026 संपन्न हो गया है। अंतिम स्नान पर्व पर 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम स्नान किया। मेला प्रशासन का दावा है कि 44 दिन के माघ मेला के दौरान 22 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।
पटना में महाशिवरात्रि के मौके पर जगह-जगह शोभायात्रा निकाली गई। रविवार को शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ रही। नीतीश कुमार ने खाजपुरा में भगवान शिव की आरती कर आयोजन का उद्घाटन किया।

Maha shivratri 2026: भगवान शिव को कुछ फूल काफी प्रिय है। मान्यता है कि भगवान शिव को कुछ विशेष तरह के फूल चढ़ाने से भक्तों की मनोकानाएं पूरी होती है। आज हम आपको बताएंगे कि अब महाशिवरात्रि की पूजा में कौन सा फूल चढ़ाएं और इन्हें चढ़ाने से क्या लाभ मिलेंगे।

महाशिवरात्रि व्रत का पारण कल यानी 16 फरवरी को किया जाएगा। शास्त्रों में कहा गया है कि व्रत का पारण अगर सही मुहूर्त और नियमों के साथ ना किया जाए, तो व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है।

काशी में महाशिवरात्रि पर्व पर देश-विदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे हैं। विश्वेश्वर के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं का भव्य पुष्पवर्षा के साथ अभिनंदन और स्वागत किया गया। इस दौरान काशी में लोगों का हुजूम देखने को मिला।

शिव तांडव स्तोत्रम सुनने से एक सुखद सी मानसिक शांति मिलती है। माना जाता है कि अगर इसे बजाकर साथ में गाया जाए तो वाइब्रेशंस आपके लंग्स को भी हेल्दी रखते हैं। सीखें लिरिक्स याद करने का आसान तरीका।

लखीसराय जिले में महाशिवरात्रि के मौके पर एक अधेड़ उम्र का शख्स अपने घर में ही 8 साल की बच्ची से रेप करता हुआ पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। खून से सने हुए बिस्तर और कपड़े भी बरामद किए गए हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान विशेश्वर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का भव्य पुष्पवर्षा के साथ अभिनंदन और स्वागत किया गया। रविवार की भोर में मंगला आरती के बाद से ही विश्वनाथ धाम में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है।

महाशिवरात्रि पर वाराणसी में शिव बारातों की धूम रही। तिलभांडेश्वर, त्रिलोचन महादेव, महामृत्युंजय समेत कई स्थानों से भव्य बारातें निकाली गईं। ढोल-नगाड़ों, झांकियों और अघोरी स्वरूपों ने आकर्षण बढ़ाया। श्रद्धालु बाराती बन शामिल हुए और हर-हर महादेव के जयघोष से काशी गूंज उठी।