
Bihar Assembly Committee List: बिहार विधानसभा की 28 में 20 समितियों का पुनर्गठन स्पीकर प्रेम कुमार की मंजूरी से हो गया है। राज्यसभा चुनाव से दूर रहे राजद और कांग्रेस के एक-एक विधायक भी कमेटियों के अध्यक्ष बनाए गए हैं।

Bihar Liquor Ban: शराबबंदी के बावजूद बिहार में दोगुने-तिगुने दाम पर शराब मिलने की शिकायतों के बीच एनडीए के नेता शराब चालू करने का माहौल बना रहे हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के सांसद देवेशचंद्र ठाकुर ने बैन हटाने कहा है।

विधायक माधव आनंद ने विकास कार्यों को नई गति देने का दावा किया है। उन्होंने चीनी मिल की स्थापना, सड़क निर्माण, महिला हॉस्टल और मेडिकल कॉलेज खोलने की पहल की जानकारी दी। नगर निगम के साथ समन्वय से 1446 योजनाएं प्रक्रियाधीन हैं। रोजगार सृजन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निजी निवेश की योजना है।

विधायक माधव आनंद ने पंडौल बाजार स्थित सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं, दवाओं की स्थिति और साफ-सफाई का जायजा लिया। मरीजों की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए चिकित्सकों की कमी को सुधारने का निर्देश दिया। विधायक ने सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज की प्राथमिकता बताई।
रालोमो विधायक माधव आनंद ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे बिहार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। सभी पक्षों के सदस्य इस पर सहमत हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सकारात्मक विचार की उम्मीद है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और सभी को वेतन मिल रहा है।
नीतीश सरकार की शराबबंदी का अब एनडीए में ही विरोध होने लगा है। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो के विधायक माधव आनंद ने एक बार फिर शराबबंदी कानून की समीक्षा करने की मांग की है। हाल ही में भाजपा विधायक विनय बिहारी भी यह मांग कर चुके हैं।
बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाले एनडीए के ही नेताओं द्वारा शराबबंदी की समीक्षा की उठ रही मांग के बीच ओवैसी की पार्टी ने कह दिया है कि वो शराब बैन के समर्थन में है।
बिहार विधानसभा में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम के विधायक माधव आनंद ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग कर दी। हालांकि, मंत्री ने सदन में उनकी मांग खारिज कर दी।
आरएलएम चीफ उपेंद्र कुशवाहा ने शुक्रवार देर शाम पटना स्थित आवास पर पार्टी के दो विधायकों माधव आनंद और आलोक कुमार सिंह से मुलाकात की है। ये विधायक कुशवाहा से नाराज बताए जा रहे थे।
बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने के बाद से उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में नाराजगी बढ़ी है। नाराज बताए जा रहे पार्टी के तीनों विधायकों की दिल्ली में हुई एक बैठक ने RLM में संभावित संकट को बल दे दिया है।