0 वादकारियों ने एसडीएम व बार अध्यक्ष को दिया ज्ञापनगामे का केंद्र बन गया, जब दूर-दराज से मुकदमों की पैरवी के लिए पहुंचे वादकारियों को यह जानकारी मिली

छपरा कोर्ट परिसर में न्यायिक पदाधिकारियों, पुलिस और वकीलों के वाहनों की पार्किंग को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार को खत्म हो गया। बार और बेंच के बीच समझौते के बाद कोर्ट में सामान्य कार्य शुरू हुआ। अधिवक्ताओं ने आंदोलन स्थगित कर दिया, जिससे लंबित मामलों की सुनवाई शुरू होने पर फरियादियों को राहत मिली।

धनबाद में 10 दिनों से चल रही वकीलों की हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गई। अधिवक्ताओं की जनरल बॉडी मीटिंग में हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया। अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी और महासचिव जितेंद्र कुमार ने सोमवार से न्यायिक कार्य में भाग लेने की घोषणा की। प्रशासन ने वकीलों को आश्वासन दिया है।

धनबाद में अधिवक्ताओं की हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही, जिसमें पार्किंग और रास्ते की मांग की जा रही है। जनरल बॉडी मीटिंग में कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है, जबकि अधिवक्ताओं के दो गुटों में तनाव बना रहा। चुनावी राजनीति की चर्चाएं भी चल रही हैं।
वकीलों की हड़ताल के कारण सदर तहसील में दो दिन में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं ने विरोध करते हुए कार्यालय को बंद करा दिया। सिविल लाइंस में एक अधिवक्ता की पिटाई के विरोध में यह हड़ताल की गई है, जिससे लगभग ढाई करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ है।
धनबाद में जिला प्रशासन ने सदर अस्पताल के पास आवंटित नमस्ते जोरेक्स दुकान को बुलडोजर से तोड़कर वकीलों के लिए छह फीट का रास्ता बनाया। 29 जनवरी से वकील हड़ताल पर थे। हालांकि, बार एसोसिएशन ने स्थायी पार्किंग की मांग की है और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
धनबाद बार एसोसिएशन के महासचिव जितेंद्र कुमार ने दावा किया है कि कुछ बिचौलिए वकीलों की हड़ताल का फायदा उठाकर नगर निगम चुनाव में उगाही कर रहे हैं। बोकारो और गिरिडीह के नाम पर जाली एफिडेविट बनाए जा रहे हैं, जबकि इन जिलों के अधिवक्ता संघ ने धनबाद के किसी व्यक्ति का एफिडेविट न करने का निर्णय लिया है।
सुलतानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र में सात साल पहले श्रीकांत मिश्र की गोली मारकर हत्या के मामले में शुक्रवार को वकीलों की हड़ताल के कारण बहस पूरी नहीं हो सकी। मृतक के भाई उमाशंकर ने कई लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। अगली सुनवाई तीन फरवरी को होगी।
मोहनलालगंज के वकील 17 जनवरी से सात सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उन्होंने समाधान दिवस में प्रदर्शन किया और समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बावजूद हड़ताल खत्म करने से मना कर दिया। उप निबंधक दफ्तर के लिए जमीन आवंटन को लेकर वकीलों में नाराजगी थी।
विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने NIA को निर्देश दिया है कि वह सूची में शामिल वकीलों से संपर्क करे। यह पता लगाए कि उनमें से कौन राणा की ओर से पेश होने के लिए सहमत है और उनकी लिखित सहमति प्राप्त करें।