
:::::आईआरसीटीसी मामला::: -होटल ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में दी थी चुनौती

रोहिणी आचार्या गुरुवार को लंबे समय बाद अपने मायके पहुंचीं। पिता लालू प्रसाद यादव खुद उन्हें पटना एयरपोर्ट लेने आए। बिहार चुनाव में आरजेडी की हार के बाद रोहिणी ने अपने भाई तेजस्वी और उनके करीबी पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए मायके वाला घर छोड़ दिया था और सिंगापुर चली गई थीं।

देवघर,प्रतिनिधि।राष्ट्रीय जनता दल के देवघर विधायक सुरेश पासवान ने सोमवार को पटना में जाकर अपने गुरु एवं अभिभावक सह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव स

राउज एवेन्यू की विशेष सीबीआई अदालत ने IRCTC से जुड़े धनशोधन मामले में लालू प्रसाद यादव का आरोप तय करते हुए सत्ता के नैतिक पतन पर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि अभियुक्तों के पास हाईकोर्ट में चुनौती देने का विकल्प है और आरोप तय होने का अर्थ महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित दो होटलों के ठेके में अनियमितता से जुड़े धनशोधन मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ धनशोधन के आरोप तय किए हैं। अदालत ने सात आरोपी को आरोपमुक्त कर दिया है।
लालू प्रसाद यादव ने एनडीए सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक दशक बाद आई भीषण बाढ़ में बिहार सरकार का खजाना खाली है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि सरकार चुनाव और बाढ़ आने पर मुफ्तखोरी की घोषणा और मुफ्त अनाज का लालच देना बंद करे।
आईआरसीटीसी धनशोधन मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का फैसला अदालत ने टाल दिया। विशेष जज ने मामले की सुनवाई 10 सितंबर तक स्थगित कर दी। यह मामला यादव के रेलवे मंत्री रहते हुए अनियमितताओं से जुड़ा है।
दिनारा। एक संवाददाता। दी। रामबचन पाण्डेय ने भावुक होते हुए बताया कि राजद सुप्रीमो के साथ उनका यह अपनत्व का संबंध वर्षों पुराना है। वे
Ara News: संदेश के पूर्व विधायक बिजेन्द्र यादव और अरुण यादव के पिता भुनेश्वर सिंह की दूसरे पुण्यतिथि समारोह में लालू प्रसाद यादव शामिल हुए। उन्होंने हवन में भाग लिया और भुनेश्वर यादव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। समारोह में कई राजनेताओं और भोजपुरी कलाकारों ने भाग लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।
आरजेडी में छिड़े घमासान के बीच विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि अगर वह लालू यादव को छोड़कर भाग गए होते तो, आज बिजेंद्र यादव नहीं बल्कि वह खुद डिप्टी सीएम होते।