भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की पूजा लड्डू गोपाल के रूप में की जाती है। इस बाल स्वरूप की सेवा और पूजा के लिए विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है। बहुत से लोग इस बात को लेकर कनफ्यूज रहते हैं कि क्या घर में 2 लड्डू गोपाल की मूर्तियां रखनी चाहिए या नहीं।

साल 2026 में रंग पंचमी 8 मार्च को मनाई जाएगी। यह होली के पांचवें दिन पड़ता है और भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला, रंगों की परंपरा तथा राधा-कृष्ण की भक्ति से जुड़ा हुआ है। इस दिन लड्डू गोपाल की विशेष पूजा का महत्व होता है।

Holi 2026: होली के दिन श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की विशेष तौर पर पूजा अर्चना व सेवा की जाती है। साथ ही कई लोग लड्डू गोपाल के संग होली भी खेलते हैं। चलिए जानते हैं इस बार लड्डू गोपाल के साथ होली कैसे मनाएं। क्योंकि होली का पर्व श्रीकृष्ण और राधा से जुड़ा हुआ है।

फाल्गुन माह में भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना व सेवा का भी विशेष महत्व होता है। इस माह उन्हें विशेष चीजों का भोग लगाया जाता है। इस साल फाल्गुन माह की शुरुआत 2 फरवरी 2026 से हुई है।
लड्डू-गोपाल को घर में रखने के बढ़ते चलन के बीच बदायूं की एक युवती ने पूरे विधि-विधान से गांव-परिवार के सामने भगवान श्रीकृष्ण से शादी रचा ली है। इस दौरान वरमाला से फेरे तक की रस्में निभाई गईं।
Sawan Special: अगर आपके घर में भी नन्हें ठाकुर जी की प्रतिमा विराजमान है, तो सावन का महीना आते ही उन्हें विशेष रूप से तैयार करें। मान्यता है कि श्रावण मास में लड्डू गोपाल का शृंगार करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।