
2025 में शुरू होनी थी योजनाजवाहर बाग में लाइट एंड शो की योजना में देरी होने पर ठेकेदार को नोटिसजवाहर बाग में लाइट एंड शो की योजना में देरी होने पर ठेक

वाराणसी में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कृष्ण लीला और पर्यावरण सुरक्षा पर चर्चा की गई। अध्यक्ष अशोक वल्लभदास ने भगवान श्रीकृष्ण के गिरिराज पूजन से पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। पं. अम्बुज कृष्ण शास्त्री ने गोवर्धन पर्वत की महिमा का वर्णन किया। भक्तों ने रुक्मिणी और श्रीकृष्ण के विवाह की झांकी का दर्शन किया।

कानपुर के बर्रा 8 आजाद पार्क में श्री हरि कृष्णा रासलीला सेवा समिति द्वारा कृष्ण रासलीला का सजीव मंचन किया गया। ग्वालबालों ने माखन चोरी और श्याम सगाई की लीला का प्रदर्शन किया। राधा रानी की गोद भराई भी की गई, जिसमें समिति के कई प्रमुख सदस्य शामिल हुए।

भागवत कथा के दौरान मौजूद पात्र अहंकार के नाश और धर्म स्थापना का दिया संदेशअहंकार के नाश और धर्म स्थापना का दिया संदेशअहंकार के नाश और धर्म स्थापना का

पीलीभीत में रसोत्सव का आयोजन सफलतापूर्वक समाप्त हुआ। भक्तों ने कान्हा की लीला का मंचन देखा और रात भर श्रीजी का सुमिरन किया। अग्रवाल सभा भवन में भक्तों की भीड़ रही और पुष्पवर्षा के बीच ब्रज की होरी का आनंद लिया गया। नीरज रस्तोगी ने सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया।

एस जयशंकर ने कहा, ‘जब किसी ने मुझसे पूछा कि आपके विचार में सबसे महान राजनयिक कौन हैं? तो उस समय मैंने कहा था, भगवान कृष्ण और हनुमान। क्योंकि एक इस कहानी (महाभारत) के महान राजनयिक हैं। दूसरे रामायण के महान राजनयिक हैं।’

पीलीभीत में श्रीराधा माधव संकीर्तन मंडल द्वारा आयोजित रासोत्सव के तीसरे दिन गिरिराज गोवर्धन लीला का शानदार मंचन किया गया। स्वामी जयप्रिया शरण महाराज के नेतृत्व में कार्यक्रम में मुख्य यजमानों को सम्मानित किया गया और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन तय किया गया।

ब्रजभूमि, वही पवित्र भूमि जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ और उन्होंने बचपन बिताया। यहां उन्होंने अपनी दिव्य लीलाएं- जैसे रासलीला, बाल-लीला कीं। यहां की 84 कोस धार्मिक यात्रा काफी प्रसिद्ध है। यह प्राचीन यात्राओं में से एक मानी जाती है।

पूर, हिन्दुस्तान संवाद। चिलकहर ब्लॉक के पिपरा पट्टी बहोरापुर गांव में चल रहे

लड्डू-गोपाल को घर में रखने के बढ़ते चलन के बीच बदायूं की एक युवती ने पूरे विधि-विधान से गांव-परिवार के सामने भगवान श्रीकृष्ण से शादी रचा ली है। इस दौरान वरमाला से फेरे तक की रस्में निभाई गईं।