
लखनऊ, संवाददाता। न्यू लखनऊ वृंदावन तेलीबाग सेंटर के युवा पत्र वितरक विनय कुमार का

-पेशेंट किचन संचालकों को मांग के मुताबिक नहीं मिल रहे सिलेंडर स्टाक में रखे सिलेण्डर

गैस संकट के चलते केजीएमयू परिसर में तीसरे दिन स्वयं सेवी संस्थाओं ने तीमारदारों को खाना वितरित नहीं किया। अन्नपूर्णा भोजनालय के बाहर तीमारदारों की भारी भीड़ थी, लेकिन गैस सिलेंडर की कमी के कारण कोई खाना नहीं मिला। लोग मायूस होकर लौट गए। संस्था ने कहा कि जैसे ही गैस मिलेगी, भोजन का वितरण शुरू होगा।

कैंसर की लड़ाई में दवाओं के साथ मजबूत हौसले की भी जरूरत होती है। केजीएमयू के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग ने कैंसर सर्वाइवर कार्यक्रम शुरू किया है, जहां कैंसर विजेता नए मरीजों को अपने अनुभवों के जरिए मानसिक मजबूती देंगे। ये विजेता मरीजों की काउंसलिंग करेंगे और उन्हें साहस और उम्मीद प्रदान करेंगे।
लखनऊ में चार वर्षीय मासूम अर्नव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेरहमी से हत्या का खुलासा हुआ है। बच्चे के शरीर पर चोट के 21 निशान मिले हैं। मासूम को डंडों से पीटा गया, सिगरेट से दागा गया और अंत में दीवार पर सिर पटककर उसकी जान ले ली गई थी।
पूरब का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के बीच रहा ऐतिहासिक संबंध, जो आज भी शिक्षा जगत में गौरव के साथ याद किया जाता है।
केजीएमयू लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के एक कर्मचारी ने मरीज के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसे भगा दिया। मरीज ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। केजीएमयू प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मरीजों को इलाज और दवा के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अल्जाइमर का इलाज अब आसान होगा। एक नई दवा, जो फॉलिकल-उत्तेजक हार्मोन (एफएसएच) को अवरुद्ध करती है, अल्जाइमर और मोटापे जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज करने में मदद कर सकती है। लंदन में इस दवा के ह्यूमन ट्रॉयल के शुरुआती नतीजे उत्साहजनक हैं।
यूपी के लखनऊ में केजीएमयू में बुधवार को मरीजों को गैस की किल्लत की कीमत चुकानी पड़ी। मरीजों को मांग के मुताबिक रोटियां नहीं मिली। वहीं,कई की मेस में खाना नहीं बना। नतीजतन मेडिकल छात्र-छात्राएं होटल में खाना खाने को मजबूर हुए।
-हीमोटोलॉजी विभाग में कुलपति ने किया बच्चे का बोन मैरो ट्रांसप्लांट -तबीयत में सुधार