
बारिश और भूस्खलन ने केदारनाथ में बाधा बढ़ा दी है। शुक्रवार दोपहर 1 बजे से यात्रा रोकी गई है। 5000 श्रद्धालु सुरक्षित स्थान पर रोके गए हैं। आज यात्रा पर फैसला होगा।

केदारनाथ में पिछले दिनों प्रचंड भीड़ वाले वीडियो वायरल हुए थे। कुछ लोग वीडियो में यात्रा पर न आने की अपील करते हुए अव्यवस्थाओं को गिना रहे थे। अब सरकार ने ऐलान किया है कि चारधाम दर्शन के लिए एसओपी बनेगी।

मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भारी बारिश, तेज हवाएं और तूफान की संभावना जताई है। संभावित खतरे को देखते हुए केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों और होल्डिंग क्षेत्रों में रोककर सुरक्षित ठहराया गया है।

kedarnath yatra: केदारनाथ में एक माह के भीतर 8 लाख लोगों ने दर्शन किए। चारों धामों में यह सर्वाधिक संख्या है। यात्रा के दौरान 39 की मौत भी हुई है। बदरी-केदार मंदिर समिति ने 14 करोड़ से अधिक कमाई की है।
पायलट अनुपमा को 15 साल में 1800 से अधिक घंटे उड़ान का अनुभव है। उन्होंने केदार घाटी में हवा में डगमगाए हेलीकॉप्टर को खेत में उतारा और दिल्ली के 6 यात्रियों की जान बचाई।
Kedarnath Yatra: केदारनाथ यात्रा पर बारिश से पहले ही मुश्किल बढ़ने लगी है। बारिश और लगातार गिरते मलबे के बीच एसडीआरएफ की टीम ने 10 हजार से अधिक यात्रियों की जान बचाई। रेस्क्यू 3 घंटे चला।
अगर आप Kedarnath Temple यात्रा पर जा रहे हैं, तो आसपास मौजूद कुछ धार्मिक और प्राकृतिक जगहों को भी अपनी ट्रिप में शामिल कर सकते हैं। ये स्थान यात्रा को और यादगार बनाने में मदद कर सकते हैं।
Char Dham Yatra Kaam ki Baat: चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार की वाट्सएप सेवा काफी फायदेमंद है। एक मैसेज से यात्री को पास, मौसम और जाम की लाइव डिटेल मिलेगी।
रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाही की। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 409 वाहन संचालकों पर चालानी कार्रवाही की गई और 11.03 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूला गया।
केदारनाथ पहुंच रहे यात्री उस वक्त भावुक हो गए, जब उन्हें 2013 आपदा की यादें ताजा हुईं। पहले गरुड़चट्टी पर बाबा केदार की डोली रुकती थी। इसी स्थान पर पीएम मोदी ने 80 के दशक में तीन महीने साधना की थी।