
गोपेश्वर में लगातार बारिश के कारण कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर भारी भूस्खलन हुआ। इससे मंदिर परिसर और आस-पास के क्षेत्र में काफी नुकसान पहुंचा। राहत की बात है कि कोई जनहानि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है और प्रशासन घटना के नुकसान का आकलन करने के लिए टीम भेज रहा है।

हरिद्वार से केदारनाथ मंदिर की कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों ने बताया कि वे अपने गायब भाई सूरज भोला की याद में यात्रा कर रहे हैं। भाई के गंगोत्री में लापता होने के बाद, हर वर्ष वे उसकी सलामती की कामना के साथ कांवड़ लेकर आते हैं। कांवड़ पर गंगाजल और भाई का फोटो लगाया गया है।

कैरीबीरपुर कुम्हार टोली से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुए श्रद्धालु कैरीबीरपुर कुम्हार टोली से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुए श्रद्धालु

रुद्रप्रयाग में, केदारनाथ, मद्महेश्वर और तुंगनाथ में कावड़ियों की बड़ी संख्या में दर्शनों के लिए पहुंचने से रौनक बढ़ गई है। पिछले तीन दिनों में इन धार्मिक स्थलों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ी है।
हापुड़ के शिव भक्तों ने बाबा केदारनाथ के धाम तक 380 किलोमीटर की पैदल यात्रा की। उन्होंने सावन के पहले सोमवार को गोमुख से लाए गए गंगाजल से बाबा का जलाभिषेक किया। भक्तों का जत्था 23 जुलाई को रवाना हुआ और पूजा के बाद हर-हर महादेव के जयकारों के साथ केदार धाम गुंज उठा।
रुद्रप्रयाग में द्वितीय केदार मध्यमेश्वर मार्ग पर गोंडार के पास एक यात्री ट्राली से गिर गया, जिससे वह घायल हो गया। एक घंटे तक किसी मदद के बिना यात्री को गंभीर चोटें आईं, बाद में स्थानीय लोगों और यात्रियों ने उसे रांसी गांव पहुंचाने का प्रयास किया।
गंगोह से बारह सदस्यीय कावंड पदयात्रियों का जत्था बाबा भोलनाथ का पूजन करने के बाद गंगोत्री और बाबा केदारनाथ धाम यात्रा के लिए रवाना हुआ। हर हर बम बम के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। पिछले वर्ष 9 श्रद्धालु थे, जो इस बार बढ़कर 12 हो गए।
इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर महादेव मंदिर का वीडियो शेयर कर अखिलेश यादव ने प्रदेशवासियों को सावन की बधाई दी। इस वीडियो में दिख रहा है कि केदारेश्वर महादेव मंदिर केदारनाथ से रामेश्वरम की लकीर पर है।
मुरादाबाद के दुष्यंत कोहली ने भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए अनोखी दंड यात्रा शुरू की। उन्होंने पेट के बल सड़क पर चलते हुए अपनी भावना का इजहार किया। दिल्ली में छोले कुलचे बेचने वाले दुष्यंत ने 6 जुलाई को यात्रा शुरू की, जिसमें हर दिन 7 किमी चलता है। उन्हें बाबा के द्वार तक पहुंचने में चार महीने का समय लगेगा।
साइबर फ्रॉड - गिरोह के शातिर के खिलाफ काजीमोहम्मदपुर थाने में एफआईआर - अमरनाथ