
कुलगाम में लश्कर के आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों पर उनका नाम पूछकर गोली चला दी। इसके बाद दोनों की मौत हो गई है। आतंकवादियों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है।

जम्मू-कश्मीर में हुर्रियत नेताओं पर और तगड़ी नकेल कसते हुए NIA ने एक तीन दशक पुराने मामले में चार्जशीट दायर की है। इस मामले में शब्बीर शाह समेत हुर्रियत के पुराने नेताओं के आरोप तय किए गए हैं। इसमें आरोपी बनाए गए तीन नेताओं की मौत हो चुकी है।

कश्मीरी पंडित सरला भट्ट की 1990 में हत्या हुई थी और अब पुलिस ने मामले की चार्जशीट कोर्ट में फाइल की है। सरला भट्ट का अंतिम संस्कार भी बिना परिजनों को जानकारी दिए ही कर दिया गया और उनकी अस्थियों के साथ भी बदसलूकी की गई।

कश्मीर के संभागीय आयुक्त ने शोपियां के सीनियर पुलिस अधीक्षक की ओर से पेश दस्तावेज के आधार पर आदेश जारी किया, जिसमें शोपियां के इमाम साहिब स्थित दारुल उलूम जामिया सिराजुल उलूम में अवैध गतिविधियों का इशारा किया गया।
इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग भी इसमें शामिल हुए। एक स्थानीय निवासी गुलाम हसन ने कहा कि कश्मीरी पंडित और मुस्लिम वर्षों से साथ रहते आए हैं और यह भाईचारा आगे भी बना रहना चाहिए।
कश्मीरी पंडित 19 जनवरी को ‘नरसंहार दिवस’ के रूप में मनाते हैं। यह दिन पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा दी गई धमकियों और हत्याओं के कारण कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के 1990 में हुए पलायन की याद दिलाता है।
तुर्किए की संसद में बजट सत्र के दौरान विदेश मंत्री हकान ने कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने भारत विरोधी रुख अपनाते हुए कहा कि इस मुद्दे का हल अंतर्राष्ट्रीय कानून के हिसाब से किया जाना चाहिए।
कश्मीरी पंडितों में दहशत फैलाने के लिए सरला भट्ट की हत्या कर दी गई थी। उन्हें अस्पताल के हॉस्टर से किडनैप कर लिया गया था। पांच दिन बाद उनका क्षत विक्षत शव पाया गया था।