
महाशिवरात्रि पर वाराणसी में शिव बारातों की धूम रही। तिलभांडेश्वर, त्रिलोचन महादेव, महामृत्युंजय समेत कई स्थानों से भव्य बारातें निकाली गईं। ढोल-नगाड़ों, झांकियों और अघोरी स्वरूपों ने आकर्षण बढ़ाया। श्रद्धालु बाराती बन शामिल हुए और हर-हर महादेव के जयघोष से काशी गूंज उठी।

विशेष योग में पड़ रही महाशिवरात्रि को लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर में खास तैयारियां की जा रही हैं। इस दौरान मंदिर लगातार 40 घंटे से ज्यादा समय तक खुला रहेगा। महाशिरात्रि की रात चारों पहर की आरती होगी।

वाराणसी में नए साल से पहले ही सैलानियों की हुजूम उमड़ा हुआ है। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन और गंगा में नावों की सवारी करते पर्यटकों का रेला दिखाई दे रहा है। ऐसे में आज यानी सोमवार से ही यहां ट्रैफिक विभाग ने डायवर्जन लागू कर दिया है।

आईएनकॉन-25 में काशी आए दुनियाभर के न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरो साइंटिस्ट यहां से लौटकर भी बाबा विश्वनाथ की ऊर्जा महसूस कर रहे हैं। आईएनकॉन के समापन पर स्मृति चिह्न के रूप में दी गई बाबा विश्वनाथ की सवा इंच की प्रतिकृति को नमन कर दिन की शुरुआत कर रहे हैं।

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर अन्नकूट पर्व का आयोजन होता है। इसी कड़ी में काशी विश्वनाथ धाम में भव्य और श्रद्धापूर्ण आयोजन किया गया। यह पावन पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा की स्मृति में मनाया जाता है। बाबा विश्वनाथ का 2100 किलो मिठाइयों से शृंगार किया गया।

काशी की छवि को बदला है, बल्कि पूरे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में भी अप्रत्याशित वृद्धि की है। देश के विभिन्न प्रांतों से लेकर दुनिया के तमाम देशों के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लगातार बढ़ते आगमन से नाविकों, पुजारियों, ठेले वालों और होटल कारोबारियों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट तथा गोदौलिया मार्ग पर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। ऐसे में मैदागिन से गोदौलिया, बेनियाबाग से नई सड़क, गिरजाघर चौराहा, रामापुरा, जंगमबाड़ी, सोनारपुरा और भेलूपुर में वाहनों का काफी दबाव रहता है। जो शाम के समय और बढ़ जाता है।

इस साल सावन के पहले सोमवार पर 14 जुलाई को गर्भगृह में काशी विश्वनाथ, शिव स्वरूप में दर्शन देंगे। 21 को दूसरे सोमवार को शंकर-पार्वती की रजत प्रतिमा के दर्शन होंगे। 28 को तीसरे सोमवार पर भगवान शिव अर्द्धनारीश्वर स्वरूप में दर्शन देंगे। 4 अगस्त को बाबा का रुद्राक्ष शृंगार होगा।

तेजप्रताप शुक्रवार को अचानक धाम पहुंचे थे। उन्होंने दर्शन-पूजन के दौरान बनाया वीडियो सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर अपलोड किया था। करीब 52 सेकंड के इस वीडियो में उनके करीब पुलिस और सीआरपीएफ के जवान भी दिख रहे हैं। इसमें तेजप्रताप को गर्भगृह के सामने खड़े होकर मंदिर के शिखर को प्रणाम करते देखा जा सकता है।

पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले के बाद किसी भी संभावित खतरे से निबटने के लिए बुधवार को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर पर भी मॉक ड्रिल करके सुरक्षा और सतर्कता आंकी गई।