
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत आज, 19 मार्च से हो गई है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है और इसे मां दुर्गा की उपासना का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

kalash sthapana muhurat 2026: चैत्र नवरात्र की अमावस्या युक्त क्षयवति प्रतिपदा पर 19 मार्च से कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाएगी। ऐसा कहा जाता है कि मां भगवती की पूजा से कल्याण और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। इस दिन से न सिर्फ मां दुर्गा की आराधना शुरू होती है, बल्कि हिंदू नव वर्ष यानी नव संवत्सर का भी आरंभ होता है। मान्यता है कि नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान से कलश स्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र 2026 की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार से हो रही है। इसी दिन हिंदू नव संवत्सर 2083 (रौद्र नाम) का भी आरंभ होगा। सनातन परंपरा में वर्ष की शुरुआत मां भगवती की उपासना से होती है, इसलिए चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व माना जाता है।
Chaitra Navratri 2026 Date: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र को साल के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्वों में गिना जाता है। यह पर्व चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है और नौ दिनों तक चलता है। साल 2026 में चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार से होने जा रही है।
चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इसी पर्व के साथ हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है, इसलिए यह समय केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी बेहद अहम होता है। चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा की जाती है।
सोमवार को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। भक्त देवी मंदिरों में माता की पूजा और आरती में लीन हैं। मंगलवार को मां ब्रह्मचरिणी की पूजा की गई। झुमरी तिलैया के मंदिरों में भक्ति गीतों और...
Navratri Ki Pooja Time 2025: 22 सितंबर, सोमवार को शारदीय नवरात्रि का पहला दिन पड़ रहा है। विधिवत तरीके से शुभ मुहूर्त देखकर ही कलश या घट की स्थापना कर दुर्गा देवी की पूजा शुरू की जाती है। जानें घट स्थापना की आसान विधि-
शारदीय नवरात्रि 2025 का शुभारंभ 22 सितंबर, सोमवार से हो रहा है। यह पर्व देवी दुर्गा की पूजा और आराधना का महत्वपूर्ण समय है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के 9 दिनों में मां के 9 रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।
शारदीय नवरात्र का शुभारंभ इस वर्ष 22 सितंबर 2025 से हो रहा है। इस बार नवरात्र दस दिनों का होगा और माता दुर्गा के नौ रूपों की विधिपूर्वक पूजा संपन्न की जाएगी। चतुर्थी तिथि दो दिन की होगी और माता दुर्गा का आगमन हाथी पर और डोली में दोनों ही रूपों में शुभ माना गया है।