
हिंदू धर्म में मासिक कालाष्टमी व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। हर माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक कालाष्टमी का पावन पर्व मनाया जाता है। यह तिथि भगवान भैरवनाथ को समर्पित होती है। इस दिन विधि- विधान से भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना की जाती है।

Kalbhairav Jayanti 2025 : आज कालभैरव जयंती के दिन 2 शुभ योगों का निर्माण भी हो रहा है, जिससे दिन का महत्व काफी बढ़ गया है। इस दिन विधिवत भगवान शिव के कालभैरव रूप की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को कालभैरव का आविर्भाव हुआ था। इस दिन पूजा, मंत्रजप और हवन करने से लाभ मिलता है। इस साल12 नवंबर को कालभैरव जयंती मनाई जा रही है।

Kaal Bhairav Ashtami Mistakes: कल यानी 12 नवंबर है और इस दिन भगवान काल भैरव की जयंती हैं। जानिए आखिर इस दिन हमें किन-किन चीजों से परहेज करना चाहिए। इस दिन काल भैरव बाबा की पूजा होती है और इस दौरान कोई गलती नहीं होनी चाहिए।

kalashtami:मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि पर 12 नवंबर को काशी के भैरव मंदिरों में उनका जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस निमित्त भैरव मंदिरों में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

Kaal Bhairav Puja:आप सिर्फ समय का खिलौना हैं। आपको काल भैरव के उस आयाम तक जाना है, जब आप समय के स्वामी बन सकें। यदि आप समय के स्वामी बन गए हैं, तो इसका मतलब यह है कि आप जीवन और जीवन-प्रक्रिया के भी स्वामी बन गए हैं।