
Somnath Mandir: सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है। जानिए चंद्रमा की तपस्या से जुड़ी पौराणिक कथा, मंदिर का महत्व, इतिहास और दर्शन का पुण्य। गुजरात के इस पवित्र ज्योतिर्लिंग में आने से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

गोरखपुर में पहली बार सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों के दर्शन-पूजन का आयोजन होने जा रहा है। एक हजार वर्षों से विलुप्त माने गए अवशेष बेंगलुरु से स्वामी प्रकाशानंद के साथ यहां लाए जा रहे हैं। 1025 ई. के आक्रमण के दौरान मूल सोमनाथ लिंग खंडित होने के बावजूद लुप्त नहीं हुआ

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ऐसे यात्रियों के लिए खास टूर पैकेज लेकर आयी है। IRCTC ने इस रेल टूर का नाम '04 ज्योतिर्लिंग और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी यात्रा(NZBG65)' रखा है। चलिए जानते हैं कि यह यात्रा कितने दिनों तक रहेगी और इस पैकेज के लिए कितना किराया लगेगा।

भारत में भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व है। यहां उनके बारह पवित्र ज्योतिर्लिंग हैं जो अलग-अलग राज्य में स्थित हैं। कई राज्यों में दो या उससे अधिक ज्योतिर्लिंग हैं, यहां जानें उन राज्यों के बारे में।
Dwadash jyotirling stotra: हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, जिस तरह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग का दर्शन करने से व्यक्ति के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, ठीक उसी तरह से इस स्रोत का पाठ करने से भक्त को सभी ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बराबर फल मिलता है।
Trimbakeshwar jyotirlinga Katha: त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्रयंबक गांव में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग का मां गंगा से संबंध है। पढ़ें त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग की कहानी-
Sawan Somwar: मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के नाम से जुड़ा द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग का नाम। यह तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है। इसे चारधाम यात्रा में भी एक माना जाता है। जिस तरह उत्तर भारत में काशी का स्थान है, वही दक्षिण में रामेश्वर का स्थान माना जाता है।
Kedarnath Jyotirlinga Story: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ ज्योतिर्लिंग को लेकर दो कथाएं काफी प्रचलित है। जानते हैं कि आखिर कैसे केदारनाथ ज्योतिर्लिंग की उतपत्ति हुई? साथ ही यहां की दर्शन टाइमिंग से लेकर टिकट डिटेल्स भी जानेंगे।
गुजरात के द्वारका में दारुकावन में स्थित है नागेश्वर ज्योतिर्लिंग। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस ज्योतिर्लिंग की कहानी सुप्रिय और दूरुका से जुड़ी है। शिवहापुराण के उन्नीसवें अध्याय में इस ज्योतिर्लिंग का वर्णन मिलता है।
Grishneshwar jyotirlinga kahani: घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की कहानी भगवान शिव की परम भक्त घुश्मा से जुड़ी है। यहां पढ़ें 12 घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की संपूर्ण कथा-