
जीवित्पुत्रिका यानी जितिया व्रत 3 अक्टूबर 2026 को रखा जा रहा है। संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से माताएं निर्जला उपवास करती हैं। जितिया पर्व की शुरुआत 2 अक्टूबर के नहाय-खाय से हुई और 4 अक्टूबर को सूर्योदय के बाद पारण किया जाएगा।

जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत 3 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से महिलाएं यह कठिन निर्जला व्रत करती हैं। 2 अक्टूबर को नहाय-खाय होगा और 4 अक्टूबर को व्रत का पारण किया जाएगा। इस व्रत में भगवान जीमूतवाहन की पूजा और कथा का विशेष महत्व है।

Jitiya vrat katha : नारद जी ने जितिया (जीवितपुत्रिका व्रत) के बारे में पूरी कहानी देवताओं को सुनाई है, इसके साथ ही चिल्हो और सियारनकी कथा भी कही जाती है। कैसे जीमूतवाहन राजा ने सभी प्राणियों की रक्षा की। अश्विन मास की अष्टमी को जितिया व्रत आज रखा जाएगा।

Jivitputrika or Jitiya Vrat 2025 : हर साल आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी को महिलाएं जिउतिया व्रत करती हैं। इस व्रत को जितिया व्रत भी कहते हैं। संतान की लंबी आयु, सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य आदि की कामना के लिए पुत्रवती महिलाएं 14 सितंबर को सर्वार्थ सिद्ध योग में निर्जला-निराहार जिउतिया व्रत करेंगी।