
राजस्थान में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की कार्रवाई में फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए डॉक्टर बने 18 लोगों की गिरफ्तारी और 90 से अधिक संदिग्धों के चिन्हित होने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है

वह बिना किसी मेडिकल पढ़ाई के खुद को मरीजों के सामने एक हाई क्वालिफाईड डॉक्टर बताता था। वह किराए पर दुकान लेकर क्लीनिक चल रहा था। बताया जा रहा है कि वह मुख्य तौर पर प्रवासी मजदूरों को ठगी का शिकार बनाता था।

एनेस्थिशिया विभाग में निरीक्षण के दौरान भाई के बदले ड्यूटी कर रहे डॉक्टर को पकड़ा गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

आरोप है कि डॉक्टर ने एक महिला और एक पुरुष सहयोगी के साथ यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर ऑपरेशन कर दिया। क्लीनिक में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में ऑपरेशन किया गया, जिसके दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने से महिला की मौत हो गई।
देश के दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड 400 से अधिक डॉक्टर अब गौतमबुद्ध नगर जिले में काम नहीं कर पाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इनके प्रैक्टिस करने पर रोक लगा दी है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए अस्पतालों और डॉक्टरों को लिखित नोटिस भी जारी करने शुरू कर दिए हैं।
झोलाछाप नरेंद्र राजपूत का क्लीनिक है। उनकी बहन एक-दो बार नरेंद्र के क्लीनिक पर दवाई लेने गई थी। तभी नरेंद्र ने बहन से घर का मोबाइल नंबर ले लिया और फिर वह अक्सर फोन करके परेशान करने लगा। नरेंद्र शादीशुदा भी है। उन्होंने उसे कई बार समझाने का प्रयास किया लेकिन वह उनकी बहन को लगातार परेशान कर रहा था।
जहानाबाद जिले के घोसी में एक निजी नर्सिंग होम में हर्निया की सर्जरी के दौरान मरीज का हाइड्रोसिल निकाल दिया गया। इससे मरीज की मौत हो गई। हंगामा होने पर डॉक्टर और स्टाफ नर्सिंग होम बंद कर वहां से भाग निकले।
अदालत ने सवाल किया कि सीबीआई मौजूदा समय में किस पहलु को केंद्र में रखकर जांच कर रही है। इसके जवाब में मजूमदार ने कहा कि एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि क्या अपराध के पीछे कोई बड़ी साजिश थी और क्या सबूत नष्ट करने का कोई प्रयास किया गया था।
न्यायाधीश नोर्लिजा ने कहा कि अदालत को इस मामले को लेकर कई सारी जानकारियां दी गईं। यह बताया गया कि मरीज एम पुनिता को अपने दूसरे बच्चे के जन्म और नाल को हटाने के बाद गंभीर रक्तस्राव हुआ था।
60 साल का आदमी अपने नितंबों के बल गिर गया था जिसके बाद उसके घुटनों में दर्द होने लगा। यह समस्या लेकर वह डॉक्टर के पास गया, जहां जांच के दौरान इस दुर्लभ स्थिति के बारे में जानकारी मिली।