
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हरिवंश को राज्यसभा के उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होने पर बधाई दी। धनखड़ ने इसे विभिन्न राजनीतिक दलों का उन पर विश्वास और भरोसा बताया। उन्होंने हरिवंश के परामर्श को महत्वपूर्ण बताया और उनके नेतृत्व में राज्यसभा की प्रतिष्ठा बढ़ने की आशा व्यक्त की।

किताब में दावा किया गया है कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 2025 में अपने पद से इस्तीफा ED के दबाव में दिया था। किताब में पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने अचानक इस्तीफे पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वे बीमार नहीं थे, बल्कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहे थे। राहुल गांधी के सवालों और चूरू दौरे की पूरी इनसाइड स्टोरी पढ़ें।

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह स्वागत करने वाले व्यक्ति से कहते हैं कि दाढ़ी रखने वालों को देखते ही डर लगता है। यह सुनते ही उनके आसपास के लोग ठहाके लगाकर हंसने लगते हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 'किसान पुत्र' जगदीप धनखड़ को पिछले साल उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था। पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार ने किसानों की आवाज को दबाया और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से किसानों के हितों का उल्लंघन किया। धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया था।
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर हामिद अंसारी ने कहा कि आज भी मुझे नहीं पता कि क्या हुआ। मुझे बस इतना पता है कि उपराष्ट्रपति का पद बहुत बड़ा पद है, और उस पद से किसी का इस्तीफा देना पहले कभी नहीं हुआ।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड समारोह में भाग लिया। समारोह में कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए, जैसे अमित शाह, जेपी नड्डा और एस जयशंकर। बड़ी संख्या में विदेशी राजनयिक भी उपस्थित थे।
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की वजह को लेकर विपक्ष ने कई सवाल उठाए थे। दावा किया जा रहा था कि सरकार से खटपट होने के कारण उन्होंने पद छोड़ा था। हालांकि, इसे लेकर धनखड़ ने साफतौर पर कुछ नहीं कहा है। इस्तीफा देने के बाद से ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर बात नहीं की है।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की तबीयत बिगड़ गई है। हृदय संबंधी परेशानी के चलते उन्हें एम्स के कॉर्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर है, हालांकि उन्हें पहले भी हार्ट अटैक के कारण भर्ती होना पड़ा था। हाल ही में वह बेहोश हो गए थे, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए एम्स लाया गया।
नई दिल्ली में, उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के पांच महीने बाद भी जगदीप धनखड़ को सरकारी आवास नहीं मिला है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से 21 जुलाई को इस्तीफा दिया और सितंबर में अपना आधिकारिक आवास खाली कर दिया। उन्होंने आवास के लिए मंत्रालय को पत्र लिखा, लेकिन अभी तक आवास प्रदान नहीं किया गया है।